खाद की कालाबाजारी से परेशानी
नसरुल्लागंज. फसल को अब खाद की जरूरत है।
निज संवाददाता | नसरुल्लागंज
प्रदेशसहित जिले में भी खाद का संकट गहराता जा रहा है। तहसील के 35 हजार किसानों की मांग को देखते हुए इस वर्ष कृषि विभाग द्वारा खाद की डिमांड पिछले वर्ष की तुलना में कुछ हद तक तो बढ़ाकर दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद भी क्षेत्र के किसानों को एक-एक बोरी यूरिया के लिए मशक्कत करना पड़ रही है। यूरिया के ट्रकों की स्थिति तो यह है कि सोसायटी पहुंचने से पहले ही इन ट्रकांे को राजनैतिक दलों से जुड़े कुछ किसानों के दबाव के चलते वह इनका अपने गांवों में बुला लेते हैं। इससे छोटे किसानों को यूरिया के लिए तरसना पड़ रहा है।
शनिवार रात नसरुल्लागंज तहसील में हुई जोरदार बारिश से सभी किसानों के खेत पानी से भर गए। इस बारिश से किसानों को अपने खेतों में गेहूं की फसल में सिंचाई करने से निजात तो मिल गई है, लेकिन खेतों में पानी हो जाने से अब किसानों को यूरिया के लिए जद्दोजहद करना पड़ रही है। शुक्रवार शनिवार को भी क्षेत्र की सेवा सहकारी समितियों में किसानों की भीड़ लगी रही, लेकिन यूरिया उपलब्ध नहीं होने से किसानों को मायूस होकर घट लौटना पड़ा। मांग के अनुरुप यूरिया नहीं आने से किसानों को मुंह देखकर ऋण पुस्तिका पर 2-2 बोरी के मान से बांटी जा रही है।
मांगके अनुरुप नहीं मिल पा रहा यूरिया : कृषिविभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष क्षेत्र के किसानों की मांग के अनुसार शासन से 8 हजार मीट्रिक टन यूरिया की डिमांड की गई है, इसके विपरित शुक्रवार तक 5138 मीट्रिक टन यूरिया ही प्राप्त हुआ था, जो पूरा सोसायटी में भेजकर किसानों को वितरित किया जा चुका है।
सोसायटीमें नहीं खाद, किसान कर रहे इंतजार : आंकड़ोपर नजर दौड़ाई जाए तो बोरखेड़ाकला 396, डिमावर 527, राला 492, सतराना 336, तिलाडिय़ा 161, बालागांव 557, छीपानेर 307, डोभा 347, वितरण 322, इटारसी 311 वितरण 10, निमोटा 252, बोईबोंड़ी 189, लाड़कुई 115 मीट्रक टन का वितरण हुआ।
इसी तरह भादाकुई 100, सोयत 421, चकल्दी 370 मीट्रिक टन यूरिया इन सोसायटी में भेजा गया था, जो पहुंचते ही वितरण हो गया है।
रबीफसल का रकवा : इसवर्ष विभाग द्वारा रबी फसल का रकवा 68000 हेक्टेयर में निर्धारित किया गया था, जिसमें गेहूं 50 हजार हेक्टेयर, 16 हजार हेक्टेयर चना, अन्य दलहन फसल 1 हजार हेक्टेयर वही सब्जी अन्य ब