जरूरी कार्यों पर अब आधार का अड़ंगा
निज संवाददाता | नसरुल्लागंज
भारत सरकार प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही अधिकांश जनकल्याणकारी योजनाओं में आधार कार्ड अनिवार्य कर देने से सैकड़ों लोग प्रतिदिन कार्ड बनवाने के लिए परेशान हो रहे हैं। कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूर्ण करने के पश्चात् भी आधार कार्ड लगभग एक से लेकर डेढ़ महीने में इंटरनेट पर अपलोड किया जाता है। जबकि पोस्ट द्वारा तो 6-6 माह बाद भी नागरिकों को कार्ड उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इस व्यवस्था से जहां नागरिकों के सामने चिंता की लकीरें हैं वहीं आधार केन्द्रों पर बैठे कर्मचारी भी परेशानी का सामना करते नजर रहे है। बिना आधार कार्ड के किसी भी प्रकार का कार्य नहीं होने से लागों को मायूस होकर अपने घर लौटना पड़ रहा है।
बिनाआधार कैसे मिले योजना का लाभ : सैकड़ोंजनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए इस समय आधार कार्ड का होना अनिवार्य कर दिया गया है। नागरिकों के पास आधार नहीं होने से शासन की एक रुपए किलो गेहूं चावल की योजना, केन्द्र की केस ट्रांसफर सब्सिडी जैसी महत्वपूर्ण योजना के अलावा अब ड्रायविंग लायसेंस, पासपोर्ट, राशनकार्ड आदि के कार्य में आधार कार्ड अडंगा बना हुआ है।
मायूसहोकर लौट रहे उपभोक्ता : एकतो नागरिकों के पास आधार कार्ड होना अनिवार्य है वहीं शासन की समस्त योजनाओं का लाभ शासन द्वारा प्रदत्त की जा रही सेवाओं में तकनीकि खराबियों के कारण नहीं मिल पा रहा है। नगर में दो - तीन स्थानों पर आधार कार्ड बनाने का कार्य किया जा रहा है। क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य गांव अमीरगंज, खापा, भैंसान के अतिरिक्त लाड़कुई के ग्रामीणों ने बताया कि आधार कार्ड के लिए पंजीयन कराए हुए 6 माह बीत चुके है। प्रतिदिन केन्द्र पर आकर आधार कार्ड की जानकारी मांगी जाती है, लेकिन केन्द्र प्रभारी द्वारा बीएसएनएल सेवाओं के खराब होने इंटरनेट से कार्ड डाउनलोड नहीं होने का कहकर हमें वापस कर दिया जाता है।
एकसाल से परेशान से बीएसएनएल उपभोक्ता : बीएसएनएलकी लेंडलाइन सेवाओं में तकनीकि खराबियों सरबर डाउन होने के कारण पिछले एक साल से नगर के बीएसएनएल उपभोक्ता परेशान नजर रहे हैं। इंटरनेट की धीमी गति हर कभी खराबी होने से यह सेवाएं बंद हो जाती हैं, जिससे नगर में आधार कार्ड के अलावा बैंक, मंडी, साइबर कैफे व्यापारियों के लाखों के कार्य पर विराम लग जाता है।
लाखोंजनता आधार कुल 25 हजार : अभीतक 15 ह