आज का सत्कर्म कल का सौभाग्य : डॉ. शर्मा
नसरुल्लागंज|हमारा आज का सत्कर्म ही कल का सौभाग्य तथा आज का दुष्कर्म कल का दुर्भाग्य होता है। क्षेत्र के नर्मदा तटीय गांव सीलकंठ में नर्मदा पुराण व हनुमंतेश्वर तीर्थ की विशिष्ट शोधपूर्ण चर्चा में विद्यावाचस्पति डाॅ. रामाधार शास्त्री ने बताया कि हमको नर्मदा तट पर पुण्य करने की उतनी आवश्यकता नहीं है जितनी आज पापों से बचने की आवश्यकता है। निष्पक्ष रहने में प्रतिदिन हमको परम पुण्य किए बिना ही कुछ भी प्राप्त हो जाता है। पुराण में अनेक श्रोताओं को कथा श्रवण कर कथा का लाभ बताया गया। रविवार को नर्मदा जयंती के अवसर पर कथा के समापन के साथ ही यहां पर 21 कन्याओं का नि:शुल्क विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पूर्णाहुति के दौरान यहां पर नर्मदा में दीपदान और नर्मदा पूजन की जाएगी।