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\"कृषि उपकरण पर वैट फ्री नहीं \'

7 वर्ष पहले
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{ प्रदेश और कंेद्र सरकार के खजाने से दिए गए हैं 1904 करोड़ रुपए

{ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल हुए किसान

निजसंवाददाता | नसरुल्लागंज

आजका दिन किसानों के लिए उत्सव उमंग का दिन है जब पूरे प्रदेश में एक साथ खरीफ वर्ष 2013 में प्राकृ़तिक आपदा से प्रभावित हुई सोयाबीन की फसल बीमा के 2167 करोड़ रुपए एक साथ किसानों को मिलेंगे। प्रदेश में एक साथ किसानों के सामने मुसीबत बनकर उभरी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए तत्कालिक सहायता के रूप में प्रदेश सरकार ने पीड़ित किसानों को मुआवजा देकर क्षति की भरपाई करने का प्रयास किया था, लेकिन मुझे लगा कि इस राशि से अन्नदाताओं की नुकसान की भरपाई नहीं हो पाएगी। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नगर के उत्कृष्ठ विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित किसान सम्मेलन में अन्नदाताओं को संबोधित करते हुए कही।

श्री चौहान ने कहा कि बीमा कंपनियों से चर्चा कर 283 करोड़ प्रदेश केंद्र के खजाने से राशि देकर किसानों को राहत पहुंचाई। अब पूरे प्रदेश में किसानों को लखपति बनने के लिए किसानों को आधुनिक खेती करना होगा, जिससे पूरा प्रदेश विकास की प्रगति में नंबर वन रहेगा।

मध्यप्रदेश के इतिहास में 1999 से लेकर आज तक इतनी बड़ी बीमा राशि किसी भी सरकार ने नहीं बांटी है। श्री चौहान ने कहा कि पूरे प्रदेश के किसानों को कर्ज से मुक्त करने के लिए फसल बीमा ही नहीं, इसके अलावा गेहूं की फसल पर 1327 करोड़ का बोनस, सोयाबीन की फसल में 3 हजार 48 करोड़ 50 लाख की राहत, सस्ती बिजली के लिए 4467 करोड़ रुपए, 0 प्रतिशत ब्याज पर 560 करोड़ की राशि भी प्रदेश सरकार ने अपने खजाने से किसानों को राहत के रूप में दी है। वहीं अब कृषि उपकरण खरीदने पर किसानों को वैट टैक्स भी नहीं देना पड़ेगा।

बनेगीकेंद्रीय कृषि नीति

प्राकृतिकआपदा अन्य नुकसान की भरपाई के लिए केंद्रीय कृषि नीति बनाई जाएगी, जिसमें प्रदेश में आने वाली प्राकृतिक अापदा से किसानों को तत्काल लाभ पहुंचाया जाएगा।

नसरुल्लागंज. मांगें पूरी नहीं होने पर महिलाओं ने इस तरह किया विरोध।

महिलाओं ने फिर रोका मुख्यमंत्री का काफिला

मुख्यमंत्रीके हेलीपेड से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से पूर्व ही नीलकंठ रोड के रहवासियों ने एक बार फिर नगर पंचायत की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट होकर मुख्यमंत्री के काफिले को रास्ते में रोका और मुख