सड़क बनाने फोड़ दी नर्मदा जल आवर्धन योजना की पाइप लाइन
कई बार कहने के बाद भी नहीं किया जा रहा सुधार
पाइप लाइन में पांच जगह लीकेज हुुए
भास्कर संवाददाता | नसरुल्लागंज
9 करोड़ से पूर्ण हो चुकी नर्मदा जल आवर्धन योजना का कार्य और बढ़ गया है। दरअसल नर्मदा तट पर नीलकंठ मार्ग का 22 करोड़ से निर्माण हो रहा है। इस दौरान निर्माण एजेंसी ने योजना की पाइप लाइन को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है। इससे नगरवासियों को गर्मी के मौसम में नर्मदा का जल मिलने पर संशय बना हुआ है। अनेक बार निर्माण एजेंसी को अवगत कराने के बाद भी लाइन की मरम्मत नहीं होने पर नगर परिषद ने कलेक्टर को पत्र लिखकर एजेंसी से मरम्मत कार्य कराते हुए पाइप लाइन की ऊंचाई सड़क से ऊपर करने का आग्रह किया है।
उल्लेखनीय है कि गर्मी में जल संकट की स्थिति से निपटने व नगरवासियों को नर्मदा का जल घर-घर तक पहुंचाने के उद्देश्य से नगरीय प्रशासन विभाग ने यूआईडीएसएसएमटी योजना के तहत वर्ष 2009 में क्षेत्र के नर्मदा तटीय स्थल नीलकंठ घाट पर 9 करोड़ की लागत से नर्मदा जल आवर्धन योजना का कार्य शुरू किया था। वर्ष 2015 में योजना के कार्य में कई बार वित्तीय संकट के चलते विराम लगा। आखिरकार 17 नवंबर 2015 निर्माण एजेंसी एचएल पासी बद्रर्स ने उक्त योजना का कार्य पूर्ण कर नगर परिषद को हैंड ओवर कर दिया था। नर्मदा का जल उपलब्ध होने से पहले ही नीलकंठ मार्ग पर सड़क बना रही एके बिल्डर्स कंपनी के ठेकेदार ने लापरवाही पूर्वक जेसीबी मशीन चलाकर योजना के तहत नीलकंठ से नगर तक बिछाई गई पाइप लाइन को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे अनेक स्थानों पर पानी का लीकेज होने से नगरवासियों को मिलने वाले नर्मदा के जल का समय और बढ़ गया है।
नगर परिषद ने लिखा है कलेक्टर को पत्र
नगर परिषद ने कलेक्टर को एक आवेदन पत्र दिया है। इसमें उल्लेख किया कि यूआईडीएसएसएमटी योजना के जलावर्धन योजना का कार्य पूर्ण कर निकाय को जल प्रदाय कार्य प्रारंभ करना था। नीलकंठ रोड के पूर्वी किनारे पर डब्ल्यूटीपी से नसरुल्लागंज ओवर हेड टेंक तक क्लियर वाटर पाइप लाइन डाली गई है। इसकी टेस्टिंग का कार्य पूरा हो चुका था। लोक निर्माण विभाग ने नीलकंठ घाट का चौड़ीकरण एवं विभिन्न स्थानों पर नाला क्रॉसिंग निर्माण किया जा रहा है। यह कार्य एके बिल्डर्स द्वारा किया जा रहा है।
रोड चौड़ीकरण के दौरान जेसीबी मशीन से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते 5 अलग-अलग स्थानों पर बड़े लीकेज हो चुके हैं। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग, ठेकेदार को तीन बार सूचना दी गई, लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं कराई गई।
इंदौर गया सिलेंडर
नगर परिषद अध्यक्ष अनिता लखेरा ने बताया कि योजना का कार्य तो पूर्ण किया जा चुका है, लेकिन नर्मदा जल शुद्ध करने के लिए फिल्टर प्लांट का क्लोरीन सिलेंडर इंदौर की दलाल एंड दलाल कंपनी में भेजा गया है। जैसे ही सिलेंडर की जांच होकर इसमें क्लोरीन गैस डालकर भेजी जाएगी, वह प्लांट में लगाकर पानी की जांच कर नगरवासियों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
मरम्मत के लिए पत्र लिखा है
जैसे ही पाइप लाइन की मरम्मत का कार्य पूर्ण होता है। नगर परिषद उक्त कार्य के लिए एक एजेंसी नियुक्त कर नगरवासियों को जल प्रदाय शुरू कर देगी। गजानन नाफड़े, मुख्य नगर परिषद अधिकारी
नीलकंठ मार्ग का चल रहा निर्माण
पुलिया बनाने के लिए ठेकेदार ने योजना के पाइप ही निकाल दिए।