नर्मदा अपने हर रूप में भक्तों का कल्याण करती हैं : डॉ. शर्मा
नसरुल्लागंज | क्षेत्र के नर्मदा तटीय गांव सीलकंठ में चल रही नर्मदा पुराण में विद्यावाचस्पति डाॅ. रामाधार शर्मा ने बताया कि नर्मदा के तीन रूप हैं। आधिदैविक रूप में मात्र वह जलकूप में दिख रही हैं। आप गहरे जल में जाओगे तो डूब जाओगे। निमोनिया हो जाएगा। अति करने से ज्वर जुकाम होगा। यह परिणाम नर्मदा के आद्यिभौतिक रूप से सिद्ध हो रहा है। आधिदैविक रूप में किसी को बाहृय रूप किसी को बालिका रूप, किसी को सुंदरी रूप में दर्शन देकर सहायता करती तथा कामना की पूर्ति का निर्देश कर देती है। किंतु आध्यात्मिक रूप में वह साक्षात महाशक्ति, जगदंबा, विश्व के सारे कार्य करने की अपार क्षमता, कामना पूर्ति, सिद्धि दात्री, भवसागर से तार लगाने वाली है। यह आध्यात्मिक रूप है। अत: इनको समझकर ही नर्मदा में निष्ठा निरूपित करें। संत ब्रम्हानंद उदासीन की प्रेरणा से लगातार 11 वर्ष से यज्ञ और कथा का आयोजन किया जाता है। संत जी की प्रेरणा से नर्मदा जयंती के दिन प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 25 कन्याओं का विवाह कराया जाएगा। कथा श्रवण करने के लिए दूर दराज के काफी संख्या में श्रोता पधार रहे हैं।