गंभीर रोगों की दवाएं महंगी होने से परेशान होंगे मरीज
35 प्रतिशत तक बढ़ेंगे भाव, हार्ट और शुगर के रोगी सबसे ज्यादा
भास्कर संवाददाता | नसरुल्लागंज
शुगर, हार्ट, किडनी, स्टोन सहित गंभीर रोगों की 74 तरह की दवा पर 35 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी बढ़ने से दवाएं अब महंगी हो जाएंगी। ऐसे में गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों के लिए परेशानी खड़ी होना तय है। हार्ट और शुगर के रोगी सबसे ज्यादा हैं। केंद्र सरकार ने 74 प्रकार की आयातित दवाओं पर मिलने वाली कस्टम ड्यूटी की रियायत खत्म कर दी है। अब इन पर कस्टम ड्यूटी लगेगी। ये दवाएं किडनी स्टोन, कैंसर, कीमोथैरेपी, हृदय रोग, मधुमेह सहित कई बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को नियमित लेना पड़ती है।
भोजन की तरह
इन बीमारियों में भी कुछ बीमारियों की दवा मरीजों को भोजन की तरह प्रतिदिन लगती है। मधुमेह व हृदय रोग से पीड़ित मरीज तो हमेशा इन दवाओं को खाने के लिए मजबूर रहते हैं। संपूर्ण क्षेत्र में 5 हजार से अधिक मरीज ऐसे हैं जिन्हें मधुमेह की दवाएं नियमित लेना पड़ती है। उधर हृदय रोग से पीड़ितों की संख्या भी 2 हजार से अधिक है। यह संख्या नियमित रोगियों की है। इसके अलावा अन्य कई मरीजों को विभिन्न तरह की समस्याएं चलती रहती है।
आएंगी भारी दिक्कतें
मेडिकल व्यवसायी अशोक शर्मा का कहना है कि 35 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी बढ़ने से गंभीर बीमारियों की दवा महंगी हो जाएगी। कई गंभीर रोगों की दवाएं तो अस्पताल से मिल जाती हैं, किंतु मधुमेह, हृदय रोग आदि की सामान्य बीमारियों के लिए मरीजों को नियमित दवा लेना पड़ती है। मरीजों के लिए आर्थिक रूप से अब भारी दिक्कतें पैदा हो जाएंगी।
सरकार का निर्णय
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकीम अहमद का कहना है कि यह सरकारी नीति से संबंधित मामला है। सरकार के निर्णय के संबंध में वे कुछ नहीं बोल सकते हैं।