सात दिन में शिक्षकों को शाला में वापसी के निर्देश
भास्कर संवाददाता | नसरुल्लागंज
गैर शैक्षणिक कार्य में लगे शिक्षकों को 7 दिनों में शाला में वापस आने के लिए आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने 6 फरवरी को पत्र जारी कर दिया है। सभी कलेक्टर, संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण एवं जिला शिक्षा अधिकारी को आयुक्त दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने पत्र में स्पष्ट कहा है कि अन्य कार्यों में संलग्न शिक्षकों को तत्काल मूल पदस्थापना के लिए भारमुक्त किया जाए। आदेश के बावजूद अगर कोई शिक्षक गैर शिक्षकीय कार्य में सलंग्न पाया जाता है तो उसके वेतन भुगतान के लिए आहरण और संवितरण अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
पढ़ाई हो रही प्रभावित : लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र में उल्लेख किया गया है कि शासन के नियमों के विरुद्ध अनेक शिक्षक संवर्ग के व्यक्ति सहायक के रूप में कार्य कर रहे हैं। इससे उन स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पत्र में यह भी कहा गया हैं कि भविष्य में शासन के विशिष्ट आदेश प्राप्त किए बिना शिक्षकों के गैर शिक्षकीय कार्यों के लिए अभियोजन पाए जाने पर संभागीय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण व जिला शिक्षा अधिकारी उत्तरदायी होंगे।
निर्देशित किया है : 7 दिनों में गैर शिक्षकीय कार्य में निजी संस्था, कार्यालय, जनप्रतिनिधि के पास शिक्षक कार्यरत नहीं है। इस संबंध में प्रमाण पत्र भेजे जाएं। जनगणना व निर्वाचन में लगे शिक्षकों की संख्या स्पष्ट की जाए।