नगर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए बजट का अड़ंगा
परिषद ने बीते एक वर्ष में 155.72 लाख रुपए के निर्माण कार्य कराए हैं
भास्कर संवाददाता | नसरुल्लागंज
नगर को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना बनाने के लिए नगर परिषद ने एक साल में करोड़ों रुपए के विकास कार्य कराए लेकिन अब ठेकेदारों के भुगतान के लिए राशि नहीं हैं। बजट के लिए परिषद ने मुख्यमंत्री से लेकर प्रभारी मंत्री तक कई बार गुहार लगाई है लेकिन समस्या सुलझ नहीं पाई।
नगर में करोड़ों रुपए के विकास कार्य वर्तमान में किए जा चुके हैं और करोड़ों के निर्माण संबंधी निविदाएं भी जारी की जा चुकी हैं, लेकिन परिषद बजट के अभाव में हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। परिषद के कार्यालय में पदाधिकारी कम और ठेकेदार ज्यादा नजर आ रहे हैं। इसका कारण यह है कि परिषद के पास ठेकेदारों को भुगतान करने के लिए बजट नहीं है। ऐसी स्थिति से गुजर रही नगर परिषद से कैसे आस लगाई जाए कि वह नगर को स्मार्ट सिटी बना सकेगी।
47 करोड़ का प्रस्ताव वर्ल्ड बैंक के पाले में
नगर की वृहद समस्या को जन्म देने वाला शहर के मध्य प्रवाहित नाले के चैनलीकरण के लिए 12 करोड़ की राशि की डीपीआर व नगर में सीवरेज व ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने 35 करोड़ रुपए की प्रोजेक्ट फाइल परिषद ने वर्ल्ड बैंक दिल्ली को भेजी है। इन दो बड़े कार्यों का प्रजेंटेशन होना शेष है। परिषद ने मुख्यमंत्री के आगमन पर यह प्रजेंटेशन नगर के जनपद सभाग्रह में दिया गया था, लेकिन प्रजेंटेशन मुख्यमंत्री को रास नहीं आया और उन्होंने इस अवसर पर कहा था कि मैं भोपाल में बैठकर ही प्रजेंटेशन तैयार कराऊंगा।
निर्माण कार्यों की निविदा आमंत्रित
परिषद ने वार्ड क्रमांक 4 में 24 लाख 34 हजार से मुक्तिधाम निर्माण, वार्ड 5 में 28 लाख 42 हजार, वार्ड 6 में 1 लाख 58 हजार, वार्ड 8 में 8 लाख 61 हजार, वार्ड 10 में 10 लाख 38 हजार, वार्ड 11 में 40 लाख 42 हजार, वार्ड 12 में 4 लाख 39 हजार, वार्ड 13 में 36 लाख 45 हजार, वार्ड 14 में 26 लाख 60 हजार, वार्ड 15 में 5 लाख 40 हजार रुपए से आरसीसी सड़क, नाली निर्माण कार्य की निविदाएं आमंत्रित की है। इसके साथ नगर के तीन प्रमुख मार्गों पर 34 लाख 64 हजार रुपए से स्वागत द्वार, यात्री बस स्टेंड व कार्यालय भवन पर 20 लाख 77 हजार रुपए से प्रवेश द्वार निर्माण करने के लिए भी निविदा आमंत्रित की जा चुकी हैं, लेकिन बजट न होने से यह कार्य अधर में पड़े हैं।
स्वीकृति मिलेगी तो ही काम
नगर परिषद ने निर्माण व विकास कार्यों के लिए बजट का प्रस्ताव शासन को भेजा है। बजट के अभाव में काम रुके पड़े हैं। जैसे ही बजट मिलता है काम शुरू कर दिए जाएंगे। गजानन नाफड़े, सीएमओ नसरुल्लागंज
8 साल भी पड़ गए कम
सीएम ने तात्कालीन परिषद की मांग पर 9 नवंबर 2009 को नवीन कार्यालय भवन के लिए एक करोड़ 42 लाख रुपए की राशि की घोषणा की थी। इसके अनुरूप परिषद को 50 लाख रुपए की राशि पहली किश्त दी थी।
बजट के अभाव में अटके भवन निर्माण का काम।
नगर परिषद ने प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान, जिले के प्रभारी मंत्री रामपाल सिंह राजपूत, नगरीय प्रशासन विभाग के आयुक्त विवेक अग्रवाल को पत्राचार व व्यक्तिगत रूप से मिलकर बताया कि परिषद ने बीते एक वर्ष में 155.72 लाख रुपए के निर्माण कार्य कराए हैं जबकि इनका भुगतान अभी तक ठेकेदारों को नहीं किया गया है। साथ ही नगर विकास के अन्य कार्यों के लिए 242 लाख की निविदाएं आमंत्रित की गई है। वर्तमान में परिषद के वित्तीय हालात ऐसे नहीं हैं कि वह अपने बलबूते पर संबंधित ठेकेदारों का भुगतान कर सके और आमंत्रित निविदाओं के अनुसार विकास कार्य को स्वीकृति प्रदान कर सके।
सीएम, प्रभारी मंत्री व नगरीय प्रशासन को किया पत्राचार