4 महीने में उखड़ी, दूसरी 4 साल से अधूरी
मार्ग > नीलकंठपुरा से रायसिंह पुरा
दूरी > 6 किमी
निर्माण एजेंसी > ग्रामीण यांत्रिकी विभाग
सड़क से जुड़े गांव > 10
परेशान > 15 हजार
भास्कर संवाददाता | भादवामाता
मुख्यमंत्रीसड़क योजना में जिले की पहली सड़क के रूप में नीलकंठपुरा से रायसिंहपुरा तक की सौगात मिली। इसका काम इतनी सुस्त गति से चला कि पूरे होने में चार साल लग गए लेकिन अब तक नहीं बन सकी। यह अधूरी सड़क अब सौगात नहीं लोगों के लिए परेशानी बन गई है। काम पूरा होने से अधूरे निर्माण से लोग परेशान हैं।
2010-11 में नीलकंठपुरा से भादवामाता होकर रायसिंहपुरा के लिए रोड स्वीकृत हुआ। 6 किलोमीटर लंबे इस रोड के लिए एक करोड़ 23 लाख रुपए स्वीकृत हुए। रोड पर पुलिया बनाने के बाद अर्थवर्क कर मुर्रम के ऊपर जीएसबी कोट करना था। रोड शुरू भी हुआ लेकिन पूरा आज तक नहीं हुअा। सवा करोड़ से में मात्र 38 लाख रुपए ही कार्य हो पाया और छह किलोमीटर से चार किलोमीटर रोड बन पाया। दो किलोमीटर छोड़ दिया। 12 पुलिया में से कुछ बना दी तो अधूरी छोड़ दी। अब यह रोड अधूरा हाेने के साथ बंद है। हजारों ग्रामीण परेशान हैं। खासतौर पर तो भादवामाता आने वाले श्रद्धालु। गांव-गांव से भादवामाता जाने वाले श्रद्धालु इसी रोड का उपयोग करते हैं, बावजूद कार्य पूरा नहीं हो पाया।
भादवामाता का शॉर्ट कट है
रोडनीमच से भादवामाता जाने के लिए शॉर्टकट है। लेकिन रोड अधूरा होने से राहत नहीं मिल रही है।
कलेक्टरने मांगी फाइल
पिछलेसप्ताह भादवामाता के दौरे के दौरान ग्रामीणों ने नवागत कलेक्टर जीवी रश्मि के सामने नीलकंठपुरा से भादवामाता रोड का मामला उठाया। कलेक्टर ने रोड के मामले की फाइल तत्काल देने के निर्देश दिए।
जल्दशुरू होगा कार्य
^हालही में मेरा नीमच स्थानांतरण हुआ है। मनरेगा फंड के बजाए स्टेट फंड से रोड का कार्य कराने की परमिशन के लिए पत्र भेजा है। वहां से स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा। बीएससोलंकी, कार्यपालनयंत्री, आरईएस, नीमच।
रोज हादसे, होते हैं चोटिल
गड्ढ़ेहाेने से दो पहिया वाहन चालकों के साथ चार पहिया वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोड जर्जर होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। पानी भरे गड्ढों पर चलना मुश्किल हो जाता है। कई बार वाहन चालक गड्ढों में गिर पड़ते हैं।
अबइनका जवाब
जल्दमरम्मत करवाएंगे
^रोडकुछ महीने पहले ही