धर्मग्रंथ मोक्ष के प्रमुख मार्गदर्शक
धर्मग्रंथ मोक्ष के प्रमुख मार्गदर्शक
नीमच | धर्मग्रंथआगम शास्त्र मोक्ष के प्रमुख मार्गदर्शक हैं। धर्मग्रंथ का नित्य अध्ययन करें तो हमारी आत्मा पवित्र और सरल हो जाती है तब संसारी तनाव स्वतः दूर हो जाता है। मोक्ष का द्वार स्वतः खुल जाता है। यह बात महावीर जिनालय आयोजित धर्मसभा में साध्वी अनुभवदृष्टा श्रीजी ने कही। साध्वी श्रीजी ने कहा ऋषि मुनियों, साधु साध्वियों ने जो धर्मशास्त्र आगम ग्रंथों की रचना की उन्हीं का स्वाध्याय कर हम आज की पीढ़ी को धर्म के ज्ञान से परमात्मा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करते हैं। पाप से कुछ हासिल नहीं होता। पुण्य से सब कुछ मिल जाता है। पाप से आत्मा का मोक्ष नहीं होता। जिनवाणी में दीक्षा जीवन श्रेष्ठ जीवन है। तभी मोक्ष होता है। एक में शांति होती है। अनेक में अशांति। दिन में एक बार एकांत में जाकर प्रतिक्रमण करें तो मोक्ष मार्ग सरलता से पूरा हो सकता है।