गलत शब्द हटाएं, नहीं तो आंदोलन
म.प्र.शासनराजस्व विभाग ने रिकॉर्ड से अपमानजनक शब्द नहीं हटाया तो समाज उग्र आंदोलन करेगा। यह बात राष्ट्रीय सर्व मेघवंश महासभा (इंडिया) के राष्ट्रीय महासचिव प्रभुलाल चंदेल ने कहीं।
सोमवार दोपहर 1 बजे अम्बेडकर चौक पर धरना प्रदर्शन में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए श्री चंदेल ने कहा देश के सर्वोच्च न्यायालय ने भी माना कि ’’चमार शब्द ज्यादातर तथाकथित उच्च जाति और अन्य पिछड़ी जाति के लोगों द्वारा अपमान करने, गाली देने या घृणा के शब्दों के रूप में प्रयोग किया जाता है।
किशोर जेवरिया ने कहा देश के राजस्थान, चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली, छत्तीसगढ की सरकारों ने अनुसूचित जाति के लोगों को सम्मानजनक जीवनयापन के लिए मेघवाल, जाटव, अहीरवार शब्द दर्ज किए हैं तो म.प्र.शासन यह सुधार क्यों नहीं करती। स्थानीय प्रशासन किस हैसियत से बेझिझक चमार शब्द का प्रयोग ही नहीं बल्कि जाति प्रमाण-पत्र दे रहा है। धरना प्रदर्शन को मनोहर अम्ब, प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल थावरिया, मनोहर अम्ब ने भी संबोधित किया।
सूर्यवंशीहत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग-राष्ट्रीय सर्वमेघवंश महासभा इंडिया ने सीएम के नाम का ज्ञापन एसडीएम राजेंद्रसिंह को प्रभुलाल चंदेल के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया जावरा लोहारी के कैलाश सूर्यवंशी की हत्या 14 सितंबर को हो गई। अब तक सूर्यवंशी के हत्यारों का पुलिस पता नहीं लगा पाई है। स्व.सूर्यवंशी मेघवाल समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति थे। उनकी हत्या से समाज में आक्रोश है।
कार्यक्रम को संबोधित करते राष्ट्रीय सर्वमेघ वंश महासभा के राष्ट्रीय महासचिव प्रभु चंदेल।