‘बच्चों में धार्मिक संस्कार जरूरी’
नीमच | बच्चों में धार्मिक संस्कार बचपन से ही देना चाहिए। धार्मिक पाठशाला में अध्यापन से बच्चों में धर्म के प्रति जाग्रति आती है क्योंकि आज के बच्चे की कल के भविष्य है। समाज को संस्कारित करना है तो बच्चों को संस्कारित करना आवश्यक है। यह बात मुनि प्रणम्यसागर ने कही। रविवार को दिगबंर जैन मंदिर मंे धार्मिक प्रवचन के दौरान संतश्री ने कहा बच्चों के शारीरिक विकास के लिए पसीना बहाने वाला खेल आवश्यक है तभी बच्चोें का मानसिक विकास होगा तभी वे समाज के आदर्श नागरिक बन सकेंगे। बच्चों को चाय पिलाने से नुकसान होता है क्योंकि चाय भूख मारती है। शरीर में नाश्ता जठराग्नि बढ़ाने वाला होना चाहिए। पाश्चात्य संस्कृति वाले स्कूलों मंे वेज और नाॅनवेज का अंतर नहीं सिखाया जाता है। टीवी और वीडियोगेम से बच्चों की आंखे खराब हो रही है । कार्टून फिल्में देखकर बच्चे काटॅून बन जाते है इसलिये हम बच्चों को इनसे बचाए।