पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • पांच साल में 175 बेटियों को सिखा दी नि:शुल्क सिलाई

पांच साल में 175 बेटियों को सिखा दी नि:शुल्क सिलाई

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
ये हैं जिया डेरकी। उम्र 69 साल। अमेरिका के सेन फ्रांसिस्को में रहते हैं लेकिन दिल में नीमच ही बसता है। अपने गृहनगर के लोगों की सेवा का जज्बा उन्हें हर साल हिंदुस्तान खींच लाता है। वे पांच साल में यहां की 175 बेटियों को फ्री सिलाई और छह महीने में 10 बेटियों को ब्यूटी पार्लर का कोर्स करवा चुके हैं। दोनों प्रशिक्षण लगातार चल रहे हैं।

डेरकी बताते हैं 1970 में पढ़ने अमेरिका के सेन फ्रांसिस्को गए थे। वहीं बस गए। जब भी देश आता तो यहां के लोगों की मदद करने की इच्छा होती थी। पांच साल पहले यहां आया तो गांधी भवन के पास स्थित पुश्तैनी मकान की दुकानों में सिलाई केंद्र शुरू कर दिया। यहां शाहिदा बी लड़कियों को नि:शुल्क सिलाई सिखाती हैं। पांच साल में 175 बेटियों को टेलरिंग, कपड़े की कटिंग सीख चुकी हैं। सिलाई सीख रही पुरानी नगरपालिका क्षेत्र की शोयल बी, शाहीन बी, बघाना की वर्षा जैन कहती हैं सिलाई सीखने के बाद से हम अपने घर के काम तो करती हीं हैं, यह हमें अपने पैरों पर खड़े रहने का माध्यम भी बन गया है।

जिया डेरकी।

ब्यूटी पार्लर पर छात्राओं को प्रशिक्षण देती लुभाना सैयद।

डेरकी बताते हैं ब्यूटी पार्लर कोर्स छह महीने पहले इंदौर निवासी बहन डॉ. अशरफ पमीना के साथ मिलकर शुरू किया है। पहली बैच में 10 लड़कियां को ब्यूटी पार्लर का फ्री कोर्स कराया गया है। 14/4 विकास नगर में ब्यूटीशियन लुभाना सैयद खुद के ब्यूटी पार्लर पर कोर्स करवा रही है। सिखाने का खर्च ए डेरकी और उनकी बहन उठा रही है। प्रशिक्षणार्थी रिसाला मसजिद एरिया अलीजा बी, शीबा खान, ने बताया हमने यहां ब्यूटीशियन का बेसिक प्रोफेशनल कोर्स किया है। अब हम खुद ब्यूटी पार्लर भी खोल सकते हैं।

छह माह पूर्व शुरू किया था ब्यूटीशियन का कोर्स, छह छात्राएं ले रहीं प्रशिक्षण
रोजगार उपलब्ध कराने के और भी कोर्स शुरू करेंगे
जिया डेरकी बताते हैं सेवा के लिए मैं किसी से फंड नहीं मांगता हूं। इंदौर निवासी मेरी बहन डॉ. अशरफ पमीना जरूर इससे जुड़ी है। ब्यूटी पार्लर का 6 महीने का कोेर्स 10 बेटियों को कराने में 35 हजार का खर्च आया। इसमें आधा उसने ही दिया। सिलाई केंद्र में 5 मशीनों पर ट्रेनिंग दी जा रही है। सिलाई केंद्र पर अब तक 5 लाख रुपए का खर्च हो चुके हैं। इसमें सिलाई टीचर, मशीन, सामान, सालाना आयोजन का खर्च आदि शामिल है। कम्प्यूटर, इंटरनेट जैसे रोजगारोन्मुखी कोर्स भी शुरू करने की योजना है।

दिल है हिंदुस्तानी
खबरें और भी हैं...