मंदसौर की पर्यटन डाक्यूमेंट्री का विदेशों में प्रेजेंटेशन
पर्यटन और पुरासंपदा महत्व रखने वाले मंदसौर जिले की डाक्यूमेंट्री का विदेशों में प्रेजेंटेशन हो रहा है। दुबई, श्रीलंका, ताशकंद, इंडोनेशिया और मलेशिया में मंदसौर के पुरामहत्व के शोध पत्र पढ़े जा चुके हैं। इन प्रयासों को राज्य और केंद्र सरकार ने सराहा है और दोनों क्षेत्रों में विकास के नित-नए आयाम जुड़ रहे हैं। कोशिशों को दिशा दिखाने का काम किया है पीजी कॉलेज प्रोफेसर डॉ. उषा अग्रवाल ने, जो बीते 24 सालों से इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनके द्वारा तैयार की गई ‘डाक्यूमेंट्री ऑन टूरिज्म आॅफ मंदसौर’ को यू-ट्यूब पर देखा जा सकता है। 17 मिनट की डाक्यूमेंट्री गांधीसागर बांध, पशुपतिनाथ मंदिर, शैलचित्र, थड़ौद का वट वृक्ष, सूर्य मंदिर, हिंगलाजगढ़ दुर्ग, संग्रहालय, अफीम खेती से लेकर जिले की सभी खासियत आधारित है।
पीजी कॉलेज में इतिहास और पर्यटन विभाग की प्रोफेसर डॉ. अग्रवाल ने 1992 में अविभाजित मंदसौर-नीमच जिले के लगभग सभी गांवों में भ्रमण कर इतिहास व पर्यटन क्षेत्र की रिपोर्ट तैयार की। जिस आधार पर पर्यटन व पुरा सौंदर्य वाले स्थानों को सूचीबद्ध किया। यहां पर्यटन संभावनाओं को टटेाला। प्रयासों को नई दिल्ली की इतिहास संस्था ‘इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च’ नामक पुस्तक में जिले के आलेख को पहली बार स्थान मिला। इसके बाद जिले के कोने-कोने में पड़ी पुरा संपदा के लिए मुहैया की जाने वाली सुविधाओं, रखरखाव, संभावनाओं को लेकर ‘कल्चरल हेरीटेज मैनेजमेंट एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ पर शोध कार्य किया। तीसरी व महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में डॉ. अग्रवाल ने इतिहास, पर्यटन व संस्कृति पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म ‘डाक्यूमेंट्री ऑन टूरिज्म ऑफ मंदसौर’ बनाई, जो यू ट्यूब पर देखी जा सकती है। बीते वर्षों में पांच देशों दुबई, श्रीलंका, ताशकंद, इंडोनेशिया, मलेशिया में संस्कृति साझा करने पहुंची डॉ. अग्रवाल ने शोध पत्र के अलावा जिले की डाक्यूमेंट्री दिखाई। बीते दिनों डाक्यूमेंट्री में आगामी संभावनाएं जोड़ते हुए विस्तार दिया है। जो यू ट्यूब पर है।
संभाग में मंदसौर कॉलेज में ही पर्यटन विभाग के माध्यम से डिप्लोमा इन टूरिज्म कोर्स संचालित हो रहा। दूर-दराज के विद्यार्थी कोर्स करने आ रहे। 2006 में शुरुआत के लिए डॉ. ज्ञानचंद खिमेसरा व डॉ. अग्रवाल ने प्रयास किए थे। इसके बाद पर्यटन शिक्षा शुरू हो सकी। इस साल पर्यटन मेरिट पाने वाले रक्षत टोंगिया को गोल्ड मैडल मिला है। डॉ. अग्रवाल व प्रो. पूनम पंड्या के मार्गदर्शन में 200 से अधिक छात्र-छात्राएं डिप्लोमा कर चुके हैं। जो कोर्स के बाद गाइड, ट्रेवल, होटल माध्यम से विभिन्न स्थानों पर रोजगार पा रहे हैं।
मंदसौर पर्यटन मानचित्र पर आएगा - डॉ. उषा अग्रवाल ने बताया मंदसौर का पर्यटन मानचित्र पर नाम आएगा। बरसों से प्रयासरत हूं।
मार्गदर्शन में 200 विद्यार्थी कर चुके डिप्लोमा
यू-ट्यूब पर अपलोड डॉक्यूमेंट्री ऑन टूरिज्म ऑफ मंदसौर में छोटा महादेव।
डॉ. उषा अग्रवाल।