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नीमच के नरेंद्र भी थे मंगलयान मिशन में

7 वर्ष पहले
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भारतकी मंगल तक की उड़ान में नीमच का भी योगदान रहा है। सालों पहले कुकड़ेश्वर से निकलकर इसरो तक पहुंचे नीमच के नरेंद्र ‘मंगल मिशन अभियान’ का हिस्सा रहे हैं। मंगल की कक्षा में यान स्थापित हुआ तो वे खुशी से उछल पड़े। उन्होंने दो दिन बाद यह खुशी कोसों दूर बैठे परिजन से साझा की।

मंगलयान भेजने के लिए चार साल पहले जब ‘मार्स आर्बिटर मिशन’(मॉम) शुरू किया था तो देशभर के चुनिंदा वैज्ञानिकों में एक नाम नीमच के डॉ. नरेंद्र श्रीवास्तव का भी था। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) में 35 साल से कार्यरत डॉ. नरेंद्र के लिए यह मिशन जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में है। वे मिशन के लिए कार्य करने वाली सीनियर वैज्ञानिकों की सपोर्टिंग टीम में शामिल रहे। मॉम मिशन के दौरान उन्होंने 15 से18 घंटे लगातार कार्य किया। मेन टीम जो कार्य बताती, सपोर्टिंग टीम उसमें जुट जाती। अति गोपनीय मिशन होने से लंबे समय से वे घर भी नहीं पाए थे। 10 माह पहले जब मंगलयान को छोड़ा तो हर वैज्ञानिक एक-एक पल उसके कक्षा में स्थापित होने का इंतजार कर रहा था। 65 करोड़ किमी का सफर तय कर 24 सितंबर को ‘मॉम’ मंगल की कक्षा स्थापित हो गया। पहले प्रयास में यह उपलब्धि मिलने पर नरेंद्र भी खुशी से फूले नहीं समाए। वे इसरो के जश्न में शामिल हुए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दो दिन बाद उन्होंने जानकारी नीमच रह रहे छोटे भाई महेंद्र श्रीवास्तव को दी। श्रीवास्तव ने बड़े भाई की उपलब्धि पर गर्व से परिचित और मित्रों को मिठाइयां बांटी। नरेंद्र का यह पहला मिशन नहीं था, जिसके वे हिस्सा रहे। इससे पहले भी इसरो के कई मिशन में शामिल रहे हैं।

मोदी ने कहा - गुड वर्क, देश की धरोहर हो आप

नरेंद्रश्रीवास्तव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगवानी करने वाली विशेष टीम में भी शामिल किया गया था। प्रधानमंत्री ने उनसे हाथ मिलाया तो यही कहा, गुड वर्क। आप लोग देश की धरोहर हो। नरेंद्र भास्कर से फोन पर चर्चा की। उन्होंने कहा देश के प्राइम मिनिस्टर के आने से वैज्ञानिकों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। दोगुने जोश के साथ अगले मिशन के लिए काम करेंगे।

लगन से हुए सफल

डॉ.नरेंद्र श्रीवास्तव ने जिले के छोटे से कस्बे कुकड़ेश्वर के शासकीय माध्यमिक विद्यालय से 8 वीं उत्तीर्ण की। 8 वीं में उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए राज्य सरकार ने आदर्श छात्रवृत्ति क