कॉलेजों में इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर हो रहा विचार
सेमेस्टर सिस्टम बंद करने की बात सामने आ रही है। यूजी में प्रॉब्लम है, पीजी में नहीं। यूजी के प्रोफेशनल कोर्स में भी समस्या नहीं है, एकेडमिक कोर्स में है। इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण सालभर परीक्षा चलती रहती है। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था करने पर विचार कर रही है ताकि शेड्यूल अनुसार परीक्षा हो सके या फिर सेमेस्टर सिस्टम स्थगित किया जाए।
यह बात वैश्य महासम्मेलन में आए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने रविवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। उन्होंने बताया उच्च शिक्षा की क्वालिटी सुधारने के लिए तीन स्तर पर कमियां पताकर दूर की जा रही हैं। पहले सरकार के स्तर की कमियां, फि स्टूडेंट व प्रोफेसर और उसके बाद मैनेजमेंट स्तर की कमियां दूर होंगी। यह भी देखा जा रहा है कि कॉलेज की स्थिति सुधारने में जनता क्या मदद कर सकती है। 2395 प्रोफेसरों के पद भरने के लिए इसी महीने विज्ञापन जारी किए जा रहे हैं। स्थायी प्राचार्य के 300 पद खाली होने से कॉलेज प्रभारियों के भरोसे चल रहे हैं। प्रोफेसरों की पदोन्नति कर प्राचार्य के पद भरे जाएंगे।
2600 करोड़ से ज्यादा की सहायता मिली
मंत्री ने बताया कॉलेजों की स्थिति सुधारने के लिए हमें रूसा सहयोग कर रहा है। वर्ल्ड बैंक से 2600 करोड़ का सॉफ्ट लोन स्वीकृत हुआ है। इससे भवनहीन कॉलेजों में भवन, प्रयोगशालाएं व पुस्तकालय बनेंगे।
40 फीसदी एडमिशन हुए इंजीनियरिंग कॉलेजों में
उच्च मंत्री गुप्ता ने बताया इंजीनियरिंग काॅलेजों की बाढ़ आ गई है। इसलिए न तो सरकारी और न ही निजी इंजीनियरिंग कॉलेज खोले जा रहे हैं। इस साल ही मौजूदा काॅलेजों में सिर्फ 40 फीसदी एडमिशन हो सके हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया