मिडिल स्कूल के बच्चे भी सीखेंगे विज्ञान
माइक्रोस्कोप,प्रयोग के लिए केमिकल्स, वर्नियर कैलिपर्स और स्क्रू गेज जैसे उपकरणों का उपयोग मिडिल स्कूलों के विद्यार्थी करेंगे। इनसे विद्यार्थियों को सिद्धांत के साथ प्रयोग कराए जाएंगे। राज्य शिक्षा केंद्र ने इसके लिए योजना तैयार की है। जल्द मिडिल स्कूलों में विज्ञान किट का वितरण किया जाएगा। विद्यार्थियों के मानसिक विकास के लिए तैयार योजना के क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
अब मिडिल स्कूलों में विज्ञान के सिद्धांतों को प्रेक्टिकल से बताया जाएगा। इसके लिए राज्य शिक्षा केंद्र ने जिले के 372 स्कूलों में से उन विद्यालयों को विज्ञान किट दी जाएगी जिनका परिणाम पिछले वर्ष काफी अच्छा रहा हो। किट वितरण सर्वशिक्षा अभियान करेगा। किट का उपयोग और उसे पढाई में सहायक बनाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। माध्यमिक विद्यालय के एक शिक्षक को एक विज्ञान केंद्र की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य
रुझान बढ़ेगा
राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा किट भेजने से पहले मापदंड के पैमाने तय किए हैं। इसके अंतर्गत मिडिल स्कूलों में उनकी उपस्थित अनिवार्य है। जिन विद्यालयों में नियमित शिक्षकों की उपस्थित नहीं रहती उन विद्यालयों को यह सुविधा नहीं मिलेगी।
वैज्ञानिक सिद्धांतों को प्रायोगिक तरीके से समझाने से विद्यार्थियों को कई लाभ होंगे। माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान की पाठ्य पुस्तकों को समझने में आसानी होगी। प्रयोगशाला में होने वाली बोरियत कम हो जाएगी किट के प्रयोग से विद्यार्थियों की रुचि बढेग़ी। ज्ञान के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण में भी वृद्धि होगी।
विज्ञान किट का होगा उपयोग
सर्वशिक्षाअभियान द्वारा भेजी गई सामग्री का उपयोग 2014-15 के शैक्षणिक सत्र में किया जाएगा। स्कूलों में किट रखने के निर्देश शिक्षकों को जारी किए हैं। विज्ञान किट में 75 प्रकार की सामग्री रखी गई है जिसमें माइक्रोस्कोप, महत्वपूर्ण केमिकल्स, दर्पण लैंस, स्क्रू गेज, वर्नियर कैलिपर्स सहित महत्वपूर्ण उपकरण शामिल रहेंगे।
आसानीसे सीखने को मिलेगा
^माध्यमिकविद्यालयों में विज्ञान प्रयोग से संबंधी उपकरण मिलने से विज्ञान से संबंधी विषयों को समझने और सीखने में आसानी रहेगी। निर्देश मिलने के बाद श्रेष्ठ परिणाम देने वाले माध्यमिक विद्यालयों की सूची भेजेंगे। सीकेशर्मा, प्रभारीजिला