अब देना होगा मकान मालिक का शपथ-पत्र
किरायेके मकान में रहने वाले अब आसानी से वाहन नहीं खरीद पाएंगे। उन्हें इसके लिए आरटीओ को मकान मालिक का शपथ-पत्र देना होगा।
गलत पते या वाहन मालिक द्वारा दिए पतों पर उसके नहीं मिलने से आए दिन रजिस्ट्रेशन कार्ड आरटीओ कार्यालय पहुंच रहे हैं। आरटीओ द्वारा वाहन खरीददारों को भेजे 450 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन कार्ड पता नही मिलने के कारण वापस चुके हैं। इस समस्या से बचने के लिए अब आरटीओ ने नई व्यवस्था लागू की है। यदि कोई किराये के मकान में रहता है तो उसे वाहन खरीदते समय अन्य दस्तावेजों के साथ ही मकान मालिक का शपथ-पत्र भी देना पड़ेगा। प्राय: किराये से रहने वाले लोगों को कभी भी मकान बदलना पड़ सकता है। एेसे में उनके पास निवास से संबंधित दस्तावेजों में वही पता होता है जहां रहते समय दस्तावेज बनवाया गया। इस कारण किराये से रहने वाले व्यक्ति वाहन खरीदते समय जो दस्तावेज देते हैं उनमें पुराना पता होता है। जब वाहन रजिस्ट्रेशन उक्त पते पर भेजा जाता है तो खरीददार वहां नहीं मिलता। पुराने मकान मालिक उनका नया पता भी नहीं बताते। कुछ किरायेदार खुद ही पुराने मकान मालिक को नया पता नहीं बताते। नतीजनत रजिस्ट्रेशन कार्ड वापस आरटीओ कार्यालय पहुंच जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए ही आरटीओ ने अब वाहन खरीददार से मौजूदा मकान मलिक का शपथ-पत्र लेने का निर्णय लिया है। ताकि दस्तावेज पर दर्ज पुराने पते के बजाय नए पते पर रजिस्ट्रेशन कार्ड भेजा जा सके।
हरमाह 400 रजिस्ट्रेशन- जिलापरिवहन कार्यालय में हर महीने करीब 400 वाहन रजिस्ट्रेशन के लिए आते हैं। सबसे ज्यादा संख्या दो पहिया वाहनों की होती है। 5 से 10 चार पहिया बड़े वाहन भी आते हैं।
हर माह वापस आते हैं 20-25 कार्ड
आरटीओकार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार हर महीने 20 से 25 रजिस्ट्रेशन कार्ड वापस जाते हैं। इन्हें पुन: ग्राहक के पते पर भेजने में काफी दिक्कत आती है। वाहन मालिक कार्ड नहीं मिलने पर आरटीओ कार्यालय पहुंच विवाद करते हैं। वहीं कुछ एजेंट को सही पता नोट करवा देते हैं। ऐसे में डीलर और ग्राहक के फोन नंबर तलाश कर सही पता मालूम किया जाता है।
कार्ड वापस आएं इसलिए की व्यवस्था
^वाहनरजिस्ट्रेशन कराने के लिए निवास स्थान की जानकारी जरूरी है। ग्राहक किराये के मकान में रहता है और उसने मकान बदल दिया है तो उसका कार्ड नहीं उसे नहीं मिल पाता। इसलिए मौजूदा मकान म