कभी बेकसी ने मारा...
कभीबेकसी ने मारा..., लगी आज सावन की फिर वो झड़ी है..., जब प्यार किया तो डरना क्या..., यारी है ईमान मेरा..., है अगर दुश्मन जमाना...,जैसे सदाबहार गीत सुनाकर समां बांध दिया। गीतकारों ने एक से एक गाने सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मौका था हार्मनी ग्रुप की ‘सुरोपहार’ का। शहर के राठौर परिसर में रविवार रात आयोजित कार्यक्रम में मेवाड़ मालवा अंचल के उभरते गायक कलाकारों ने एक से बढकर एक गीत संगीत की प्रस्तुति दी। पुराने फिल्मी नगमों ने किशोर कुमार एवं पुराने संगीतकारों एवं मुगले आजम के युग की याद दिला दी। संगीत निशा की पावन श्रृंखला में नितिषा ने चांस पे डांस कर ले..., सुनील अग्रवाल ने इक रास्ता है जिंदगी..., मधुसूदन माहेश्वरी ने सुहानी चांदनी रातें..., राकेश ने फकीरा चल चला चल..., रिंकू ने भंवरा बड़ा नादान....., रवि शर्मा ने तुम जो मिल गए हो..., मुस्तफा ने इक बंजारा गाये..., जम्बू कुमार एवं श्रद्धा ने लागी छूटे ना..., शिवा मित्तल ने तुम आए तो आया मुझे याद... सहित अन्य गीत सुनाकर समां बांध दिया। समारोह के समाजसेवी राकेश अरोरा, उद्योगपति डीएस चौरडिय़ा, घीसालाल जैन, नाहरसिंह राठौड़, दीपक गोयल, जावद नपं अध्यक्ष श्याम काबरा एवं भाजपा नेता संतोष चौपड़ा थे।
हार्मनी में ‘सुरोपहार’ में उपस्थित श्रोता। इनसेट- कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति देती गायिका।