सवा महीने बाद ले सकेंगे प्रभार
नईपरिषद के अध्यक्ष और पार्षद भले ही अभी चुन लिए गए हों लेकिन उन्हें नपा में अपनी कुर्सियों पर बैठने का मौका सवा महीने बाद ही मिलेगा। वजह निवर्तमान परिषद और अध्यक्ष का कार्यकाल 17 जनवरी 2015 तक रहना है। यानी पांच साल पूरे होने से पहले नई परिषद प्रभार नहीं ले पाएगी।
नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में भाजपा के राकेश जैन (पप्पू) 40 नए पार्षद 7 दिसंबर को मतगणना के बाद ही निर्वाचित घोषित हो चुके हैं। बावजूद उन्हें अभी पदभार ग्रहण करने के लिए कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। नगर पालिका एक्ट के अधिनियम की धारा 45 के तहत नगर पालिका अध्यक्ष पार्षदों की अधिसूचना प्रकाशित होने के बाद ही नए अध्यक्ष को पदभार दिया जा सकता है। फिलहाल नए अध्यक्ष पार्षदों की अधिसूचना प्रकाशित नहीं हुई है। फिर मौजूदा अध्यक्ष नीता दुआ ने 17 जनवरी 2010 को पदभार ग्रहण किया था। उनके 5 वर्ष का कार्यकाल 17 जनवरी 2015 को पूरा होगा। नियम के मुताबिक नपा के प्रथम सम्मेलन की तारीख से ही परिषद का कार्यकाल शुरू होता है।
शून्यहो सकता है पदभार- यदिनव निर्वाचित अध्यक्ष जैन 40 वार्डों के पार्षद निवर्तमान नपाध्यक्ष नीता दुआ के पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व पदभार ग्रहण करते हैं तो मप्र अधिनियम 1961 की धारा 49 के तहत यह मान्य नहीं होगा। इसे शून्य घोषित कर दिया जाएगा।