अंदर चली क्लास, बाहर हुआ हंगामा
भास्कर संवाददाता | मनासा/रामपुरा
विक्रमविश्वविद्यालय के कुलपति के साथ दुर्व्यवहार के खिलाफ भाराछासं ने गुरुवार को कॉलेज बंद करने का आह्वान किया। मनासा-रामपुरा के शासकीय कॉलेजों को बंद कराया और घटना पर विरोध जताया। गुरुवार सुबह 10.30 बजे भाराछासं के महेंद्रसिंह चंद्रावत, मनीष लक्षकार, महेंद्रसिंह, राजपालसिंह, पंकज नागदा, रामदशल शर्मा, राकेश मेघवाल, रंजीत दायमा, राहुल नागदा, लोकेंद्रसिंह, दरबारसिंह, हेमंत सोनी, लक्की के साथ कई कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे। विद्यार्थियों ने संघ के साथ आकर विरोध जताया। राज्यपाल के नाम प्राचार्य डॉ. प्रतिभा कोठारी को ज्ञापन सौंपा। अभाविप कार्यकर्ताओं के साथ अन्य संगठनों के लोगों ने कुलपति के साथ अभद्र व्यवहार किया। दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मनासा के साथ रामपुरा के शासकीय कॅालेज में भी भाराछासं के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। संघ के दिनेश मंडवारिया, राहुल गरासिया, मयंक मालवीय, अनिल परमार, एजाज, शोएब मंसूरी, अमन मिश्रा, राजकुमारी, यामिनी पांडे, रचना तिवारी, ज्योति चंद्रावत, किरण कुमारी, नीलू के साथ कई विद्यार्थी जुटे। विद्यार्थियों ने प्राचार्य सारा अत्ता रा को ज्ञापन सौपा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सम्राट दीक्षित और कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष दिनेश पड़ायपंथी ने कहा शिक्षा के मंदिरों में गुरुओं का अपमान हो रहा है। सत्ताधारी दल से संबंधित संगठनों के कार्यकर्ता ऐसी हरकतें कर रहे हैं और अभी तक उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा देना चाहिए।
वाहन रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन
एनएसयूआईकार्यकर्ता शहर के प्रमुख मार्गो से वाहन रैली निकालते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे। राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन एडिशनल एसपी पंकज पांडे को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कुलपति पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की बात कही। पदाधिकारियों ने कहा पूर्व में अभाविप द्वारा प्रोफेसर सबरवाल हत्याकांड जैसी घटना काे अंजाम दे चुके हैं। जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती आंदोलन जारी रहेगा।
खुले रहे कॉलेज
^एनएसयूआईद्वारा जिले भर के महाविद्यालयों को बंद का आहृन किया था, जो असफल रहा। महाविद्यालयों में कक्षाएं सुचारू रूप से लगती रही। आयुषकोठारी, प्रांतीयसहमंत्री, विद्यार्थी परिषद।
जारी रखेंगे