डूब : 22 मकानों को लिया 10 काे छोड़ा
काली कोटड़ी के ग्रामीणों ने विधायक कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा
सिटीरिपोर्टर | नीमच
हमेरियाबांध के डूब क्षेत्र में आने वाले कालीकोटड़ी के ग्रामीणों ने मंगलवार को विधायक कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें डूब प्रभावितों के सर्वे पर सवाल उठाया। उन्होंने बताया जल संसाधन विभाग ने पिछले महीने गांव के 22 मकानों को ही डूब प्रभावितों की सूची में शामिल किया, 10 को छोड़ दिया। वंचित ग्रामीणों ने यह गड़बड़ी दूर कर मुआवजा देने की मांग की।
डूब प्रभावित कालीकाेटड़ी के लोगों को लंबे संघर्ष के बाद खेतों को मुआवजा मिला। जल संसाधन विभाग ने डूब में अाने वाले घरों का पिछले महीने सर्वे किया था। इसमें कालीकोटड़ी के 22 मकानों को एमडब्ल्यूएल के निशान लगाकर मुआवजा सूची में शामिल किया। कुछ घरों को छोड़ दिया। छोड़े गए मकानों के पिछले हिस्से में एमडब्ल्यूएल के निशान लगाए आगे नहीं। जबकि मकानों के पास करीब दो फीट तक पानी भरेगा। गांव के भूरसिंह राठौड़, गणपतसिंह राठौड़, महेंद्रसिंह राठौड़, शशिप्रभा राठौड़, लक्ष्मणसिंह, भगवतसिंह, भेरूलाल, कचरुलाल अन्य ने बताया पानी भरने के बाद यहां रहना संभव नहीं होगा। इसलिए बाकी मकानों को भी डूब प्रभावितों की सूची में शामिल किया जाए। ग्रामीणों ने विधायक दिलीपसिंह परिहार के कार्यालय पहुंचकर उन्हें भी ज्ञापन देकर समस्या बताई। महेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया गांव के अधिकतर किसानों के खेत डूबने के बाद भी शासन ने मुआवजा नहीं दिया था।
विधायक दिलीपसिंह परिहार को ज्ञापन देते कालीकोटड़ी के डूब प्रभावित।
{ बचे मकान भी डूब क्षेत्र में शामिल किए जाएं।
{ मुआवजा देने के साथ नए मकान के लिए भूखंड मिले।
{ मुआवजा नहीं मिलेगा।
{ मकानों के चारों तरफ पानी भरने से रहना मुश्किल होगा।
{ मकान क्षतिग्रस्त होने का खतरा है।
{ पानी के जीव-जंतुओं से भी खतरा हो।