निष्काम भक्ति से भगवान होते हैं प्रसन्न
निष्कामभक्ति से भगवान प्रसन्न होते हैं। भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि इसके प्रभाव से दैत्य, राक्षस, दुराचारी मनुष्य भगवत भाव को प्राप्त हो गए। यह बात आचार्य दिनेश बजाज के कही। बंगला नंबर 55 में चल रही भागवत कथा के छठे दिन रविवार को आचार्य बजाज ने कहा भक्त का कभी विनाश नहीं होता। प्रत्येक वर्ण आश्रम का मनुष्य तत्वज्ञान प्राप्त कर सकता है। मनुष्य भगवान से विमुख है तो उसके भाव आचरण कदापि शुद्ध नहीं हो सकते पतन निश्चित है।
रुक्मिणि विवाह में झूमती युवतियां। इनसेट-रुक्मिणि विवाह प्रसंग में रुक्मिणि और कृष्ण बनी बालिकाएं।
रुक्मणि विवाह महोत्सव में झूमे श्रद्धालु
कथा श्रवण करते श्रद्धालु। इनसेट- श्रीकृष्ण लीलाओं का अभिनय प्रस्तुत करते बच्चे।