प्रेमभाव हमें सम्यक मार्ग पर ले जाता है
नीमच | महावीरजिनालय में रविवार को धर्मसभा में साध्वी र|रेखा श्रीजी ने कहा पुण्य जब प्रकट होता है तो अनुकूलताएं स्वतः निर्मित हो जाती हैं। प्रेम के ढाई अक्षर जिसने जीवन में उतार लिए, वहां घृणा और ईष्या का स्थान नहीं रहेगा। साध्वी श्रीजी ने कहा परिवार में प्रत्येक व्यक्ति के साथ प्रेम भाव से रहो। समाज में प्रेम बांटो और दान देने में प्रेम दर्शाओ। प्रेम भाव हमें सम्यक मार्ग पर ले जाएगा।
संसारपापों का कारखाना*साध्वी अनुभवदृष्टाश्रीजी ने कहा संसार पापों का कारखाना है। मानव जीवन में पापों का अतिक्रमण है। जिसे प्रतिक्रमण से हटाना है। एमए, बीए की डिग्रियां लेने से किताबी ज्ञान मिलता है मोक्ष ज्ञान नहीं। बाबूलाल मखावाला, लीला बहन का श्रीसंघ ने श्रीफल प्रदान कर सम्मान किया।