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टेबलेट खाने के थोड़ी देर बाद जी घबराया और बेसुध हो गए विद्यार्थी

6 वर्ष पहले
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‘डीवार्मिंग डे’ पर एलबेंडाजोल टेबलेट खाने से दुदरसी में माध्यमिक विद्यालय के आठ विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ गई। टेबलेट खाते ही उनका जी घबराया और वे बेसुध हो गए। उन्हें जिला अस्पताल लाना पड़ा। कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी प्रभावित विद्यार्थियों को देखने अस्पताल पहुंचे। सीएमएचओ ने जांच के आदेश दिए हैं।

केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय निर्देश पर मंगलवार (10 फरवरी) को देश में डी वार्मिंग डे मनाया गया। इसके तहत सभी स्कूलों आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को पेट के कीड़े मारने की एलबेंडाजोल दवा (सिरप टेबलेट) दी गई।

सुबह करीब 11.30 बजे शा. मावि दुदरसी में भी विद्यार्थियों को एलबेंडाजोल टेबलेट खिलाई गई। स्कूल में 94 में से 50 विद्यार्थियों ने टेबलेट खाई। इससे छात्रा सपना नीतू की तबीयत बिगड़ गई। घबराहट उल्टी होने से शिक्षकों ने अन्य विद्यार्थियों को टेबलेट नहीं दी। अगले ही पल छह और विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। एक स्कूल के आठ विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने से स्वास्थ्य विभाग अस्पताल में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलने पर विद्यार्थियों के परिजनों अन्य लोग भी गए। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएल रावत, डॉ. मनीष यादव ने विद्यार्थियों का इलाज किया।

करीब तीन घंटे बाद सभी विद्यार्थियों की स्थिति सामान्य हो गई। एनआरएचएम के डीपीएम एसपी श्रीवास्तव, स्कूल के प्रधानाध्यापक नंदलाल पाटीदार, जनशिक्षक श्रीपाल जैन, गजेंद्र जौहरी, बीआरसी सुरेश पंजाबी भी अस्पताल पहुंच गए थे। शाम को कलेक्टर जीवी रश्मि भी प्रभावित विद्यार्थियों को देखने जिला अस्पताल पहुंची। उन्होंने डॉक्टर सीएमएचओ से बात की।

इनकीतबीयत बिगड़ी

सातवींकी सपना पिता गोपाल खारोल, नीतू पिता दिनेश बैरागी, आरती पिता लालचंद भारती, छठी की रवीना पिता अमृतलाल, गोविंद पिता घीसालाल, किरण पिता प्रकाश, आरती पिता भेरूलाल, माया पिता श्यामलाल, रानू पिता देवीलाल।

पेटके कीड़े मारने के लिए देते हैं एलबेंडाजोल

पेटमें कीड़े होने पर वे शरीर का पोषक तत्व तत्व खाते रहते हैं। इससे शरीर का विकास रुक जाता है। इन कीड़ों को मारने में एलबेंडाजोल दवा सहायक है।

2 लाख को देना है दवाई

पेटके कीड़े मारने के लिए एलबेंडाजोल दवा 2 लाख बच्चों को दी जाना थी। इसमें से 5 साल तक के करीब 80 हजार बच्चों को सिरप 5 से 19 साल तक की उम्र वालों को टेबलेट दी जाना है। इससे वंचित बच्चों के लिए 11 से 14 फरवरी तक मॉप-अप-डे के रूप मनाया जाएगा।

ट्यूबवेल के लॉट की जांच करवाएंगे

^जिलेभरमें एलबेंडाजोल टेबलेट खिलाई। दुदरसी को छोड़कर कहीं से भी रिएक्शन की जानकारी नहीं मिली। बच्चों को खिलाई टेबलेट के लॉट की जांच करवाई जाएगी। डॉ.केके वास्कले, सीएमएचओ

भूखे पेट खाने से बिगड़ सकती है तबीयत

^संभवत:विद्यार्थियों ने भूखे पेट दवा ली होगी। इससे घबराहट हुई और तबीयत बिगड़ी। लाखों में एक-दो लोगों को ड्रग से एलर्जी होती है। कुछ को साइकोलॉजिकल इफैक्ट भी होता है। डॉ.बीएल रावत, शिशु रोग विशेषज्ञ

अभिभावक लालचंद भारती ने बताया बेटी आरती चाय-नाश्ता कर स्कूल गई थी। वहां जैसे ही उसने टेबलेट खाई उसका जी घबराने लगा और वह बेसुध हो गई। स्कूल स्टाफ भी उसे जिला अस्पताल लाया। मुझे दो घंटे बाद जानकारी मिली। मीना बैरागी ने बताया बेटी नीतू सुबह खाना खाने के बाद स्कूल गई थी। टेबलेट खाने से उसकी भी तबीयत अचानक खराब हो गई।

टेबलेट खाने से तबीयत खराब होने के बाद छात्रा का इलाज करते डॉक्टर।