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कौन-सी जनधन योजना, नहीं पता

7 वर्ष पहले
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जिस जनधन योजना का देश में डंका बज रहा है उसका जिले में बुरा हश्र है। स्थिति यह है जिले में एक-दो नहीं बल्कि डेढ़ लाख परिवार योजना से दूर है। प्रशासन अब तक महज 50 हजार खाते खोल पाया है। शहर में कई परिवार ऐसे हैं जिनके तो बैंक खाते हैं और उन्हें योजना की जानकारी है।

राकेशसोन/कमलकांत जोशी | नीमच

प्रधानमंत्रीजनधन योजना जिले में सिर्फ कागजों में काम कर रही है। जिन परिवारों के लिए योजना बनाई, उन परिवारों को योजना के संबंध में पता ही नहीं। दो महीने पहले शुरू हुई योजना के लिए प्रशासन ने ताबड़तोड़ बैठकें की। वार्डों और गांवों में शिविर लगाए लेकिन उन तक नहीं पहुंच पाए। जिन के लिए योजना बनाई।

शिक्षित परिवारों के खाते खुल गए लेकिन दो जून की रोटी के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में उलझे लोगों को इस योजना का पता नहीं है। शहर की एकता कॉलोनी, आंबेडकर कॉलोनी, भागेश्वर महादेव मंदिर और भगवानपुरा क्षेत्र में कई गरीब बस्तियां ऐसी है जहां योजना को लेकर कोई जानकारी नहीं। इन लोगों तक तो प्रशासन का कोई नुमाइंदा पहुंचा और बैंक का अधिकारी। लोगों को यह तक जानकारी नहीं कि जनधन योजना होती क्या है। योजना को लेकर प्रशासन किस तरह गंभीरता से कार्य कर रहा है।

खातेसिर्फ 50 हजार - जिलेमें एपीएल-बीपीएल और अंत्योदय के दो लाख से ज्यादा परिवार निवासरत है। जनधन योजना के तहत खाते 50 हजार लोगों के ही खुल पाए हैं। बाकी परिवारों के खाते हैं या नहीं, यह जानकारी ताे प्रशासन के पास है और लीड बैंक ऑफिसरों के पास। आसानी से जाना जा सकता है कि जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनधन योजना को लेकर अधिकारी किस तरह कार्य कर रहे हैं।

देखंे सरकारी हकीकत

जिले में परिवार

{सामान्य कार्डधारी परिवार- एकलाख 17 हजार 159

{बीपीएल कार्डधारी परिवार - 74हजार 394

{अति गरीब अंत्योदय परिवार -12 हजार 145

{कुल परिवार- 2लाख 3 हजार 688

जिलेभरमें खाते खुले सिर्फ इनके

{ ग्रामीण क्षेत्र में -38 हजार 621

{शहरी क्षेत्र में 15हजार 389

{कुल खाते खुले- 54हजार

{योजना से दूर- 1लाख 49 हजार 688 परिवार

जानकारीनहीं

^कितनेखाते खोले गए हैं। इसकी जानकारी मुझे नहीं है। यह कार्य जिला पंचायत सीईओ देख रही हैं। उनसे बात करे। सीएसचौहान, लीडबैंक अधिकारी।

अभीतो लक्ष्य पूरा

^जनधनयोजना के तहत अभी तो लक्ष्य पूरा कर लिया