कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन
करोड़ोंकी संपत्ति की मालिक नगरपालिका का खजाना खाली है। नपा समय पर कर्मचारियों को वेतन तक नहीं बांट पा रही है। दिसंबर की 10 तारीख गुजर चुकी है लेकिन अब तक 650 कर्मचारियों को नवंबर का वेतन नहीं मिला है। इससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है जो कभी भी आंदोलन का रूप ले सकता है।
नगरपालिका की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय है कि वह तो ठेकेदारों का भुगतान कर पा रही है ही कर्मचारियों के वेतन का। अगर शासन से मिलने वाली चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि मिलने में एक भी दिन लेट हो जाए तो नपा अपने स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों को वेतन नहीं बांट पाता है। एक महीने से चुनाव अन्य कार्यों में लगे कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलने की उम्मीद थी। ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में कर्मचारियों को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। ज्यादा परेशानी लिपिकवर्गीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों सहित अन्य कामगारों को हो रही है। उनका कहना है कि हर महीने 3 तारीख तक वेतन मिल जाता है। इस बार पता ही नहीं चल रहा कि कब तक भुगतान होगा।
चुंगीक्षतिपूर्ति पर निर्भर- नपके पास वेतन बांटने के लिए आय का स्थायी स्रोत नहीं है। इसके लिए वह हर महीने मिलने वाली चुंगी क्षतिपूर्ति पर निर्भर है।
वेतन मद होना चाहिए
^कर्मचारियोंकाे समय पर वेतन मिले यह जिम्मेदारी नपा की है। हर महीने वेतन देना पड़ता है तो इसके लिए अलग से मद होना चाहिए। कन्हैयालालशर्मा, अध्यक्ष-कर्मचारी संघ नपा
^जिम्मेदारसमय पर ध्यान देते तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। कामगार का घर वेतन से ही चलता है। अस्थायी कर्मचारियों की स्थिति ज्यादा खराब है। राणानरवाले, अध्यक्ष-वाल्मिकी समाज संयुक्त संघर्ष समिति
^चुंगीकरक्षतिपूर्ति राशि 2 दिन में जाएगी। वेतन मिल जाएगा। सविताप्रधान, सीएमओ-नपा
फैक्ट फाइल
वेतन- प्रतिमाह
स्थायीकर्मचारी- 78लाख रुपए
अस्थायीकर्मचारी- 27लाख रुपए
कुलवेतन- -1 करोड़ 5 लाख रुपए
कर्मचारी
श्रेणी संख्या
अधिकारीस्तर 20
लिपिक वर्गीय 78
चतुर्थ श्रेणी 77
कामगार 176
अस्थायी कर्मचारी 300
कुलकर्मचारी 651
खस्ताहाल आर्थिक स्थिति के कारण नहीं हुआ भुगतान