सुबह हवन, शाम को निकाली पोथी यात्रा
श्राद्धपक्षके चलते बंगला नंबर 55 के रहवासियों द्वारा पितरों की याद में सात दिनी भागवत कथा कराई गई। विश्राम सोमवार को तथा मंगलवार को पूर्णाहुति के साथ धार्मिक कार्यक्रम हुए। सुबह 9 बजे हवन-यज्ञ हुआ। श्रद्धालुओं ने जोड़े के साथ हवन कुंड पर बैठे। साथ ही श्रद्धालुओं ने इसमें आहुति डाली। इसके बाद कन्या भोज ब्राह्मण भोजन कराया फिर सामूहिक भंडारा हुआ। भंडारे की खासियत यह थी कि श्रद्धालु भंडारे के लिए अपने घर से सामग्री लेकर आए। शाम को कथा पांडाल से आचार्य दिनेश बजाज के सान्निध्य में भागवत पोथी की विदाई शोभायात्रा निकाली गई। जो ढोल-ढमाकों के साथ नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए बावड़ी वाले बालाजी मंदिर पहुंचे। शोभायात्रा में बच्चे राधा-कृष्ण गोपियों की वेशभूषा में रास्ते भर थिरकते चल रहे थे।
भागवत पोथी यात्रा में राधा-कृष्ण और बाल गोपाल बनकर बच्चे शामिल हुए।