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राष्ट्र निर्माण के सशक्त आदर्श थे विश्वेश्वरैया
भारतर| सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया पूरे राष्ट्र निर्माण के सशक्त आदर्श थे। वे एक सदी के एेसे महानायक थे जिनकी सोच पर देश सशक्त बना। उनके बताए आदर्शों पर चलकर जीवन में सफलता के शिखर पर पहुंच सकते हैं। उन्होंने 102 वर्ष की आयु तक कई प्रेरणादायक कार्य किए। जो आज भी प्रासंगिक है।
यह बात इंजीनियर्स डे पर माहेश्वरी भवन में आयोजित कार्यक्रम में इंजीनियर जीपी गोयल ने कही। इंजीनियर दर्शनसिंह गांधी ने कहा सर विश्वेश्वरैया भारत ही नहीं पूरे विश्व के प्रेरणा पुरुष थे। वे कर्नाटक के भागीरथ थे। उन्होंने जीवन पर्यन्त ईमानदारी, परिश्रम, लगन के साथ कार्य किया जो राष्ट्रभक्ति की अनुपम मिसाल है। युवा पीढ़ी के लोग उनके जीवन चरित्र से शिक्षा लेकर सफलता की ओर कदम बढा सकते हैं। इंजीनियरों की सोच निर्माण और विकासवादी बने तभी सफलता हासिल कर सकते हैं। अध्यक्ष इंजीनियर बाबूलाल गौड़, इंजीनियर राजेंद्र साकी ने संबोधित किया। कार्यक्रम में सुबोध विश्नोई , बीसी वर्मा, टीआर मालवीय मौजूद थे। इंजीनियर दर्शन सिंह गांधी, मुकेश पाटीदार, पी.एन.जमीदार को सम्मानित किया।
इंजीनियर्स-डे पर हुई प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। फैंसी ड्रेस में कुंतल जैन प्रथम, दर्शिता गुप्ता द्वितीय, अभियुग प्रजापति तृतीय रहे। हाउजी में अनिल मंगल प्रथम, सतीशचंद्र शर्मा द्वितीय, जीपी गोयल तृतीय रहे। एक मिनट में सोनिया दुआ प्रथम, शोभना साकी द्वितीय रही। सभी को पुरस्कृत किया।
वरिष्ठ इंजीनियर श्री गांधी का सम्मान करते एसोसिएशन सदस्य।