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चौपड़ा गणेश मंदिर पर प्रशासन का कब्जा

7 वर्ष पहले
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चौपड़ागणेश मंदिर प्रशासन के कब्जे में रहेगा। गर्भगृह में दोनों समिति सदस्य प्रवेश कर सकेंगे और संचालन। तहसीलदार कैंट थाना प्रभारी रिसीवर के रूप में मंदिर की व्यवस्था देखेंगे।

चोपड़ा गणेश मंदिर के संचालन को लेकर लंबे समय से झगड़ रही दो समितियों को एसडीएम ने मंदिर से दूर कर दिया। समिति सदस्य मंदिर जरूर आएंगे लेकिन व्यवस्था नहीं देख सकेंगे। वे पूजा-पाठ में भाग लेंगे लेकिन गर्भगृह में नहीं जाएंगे। विधिवत पूजा होती रहेगी। तहसीलदार-थानेदार निगरानी रखेंगे। निर्णय एसडीएम राजेंद्र सिंह की कोर्ट ने दोनों समिति के बढ़ते विवाद को देखते हुए सुनाया। उन्होंने फैसले में दोनों पक्षकारों को सामान्य दर्शनार्थी की तरह पूजा करने और मंदिर में बने रहने के आदेश दिए हैं। यदि किसी ने व्यवस्था में हस्तक्षेप किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंदिर संचालन व्यवस्थित तरीके से करने के लिए तहसीलदार आदित्य शर्मा कैंट थाना प्रभारी अनिरुद्ध वादिया को रिसीवर नियुक्त किया है।

यहहै विवाद-मंदिर कोलेकर चौपड़ा गणेश मंदिर समिति पंचमुखी गणेश आरोग्य धाम समिति आमने-सामने है। विवाद मंदिर की प्रतिमा का है। इस प्रतिमा पर पंचमुखी गणेश आरोग्य समिति के रंजन स्वामी अपना आधिपत्य बताते हैं। चौपड़ा गणेश मंदिर समिति अपना। मूर्ति विवाद एसडीएम कोर्ट तक जा पहुंचा। जिस पर कोर्ट ने फैसला सुनाया।

ऐसे नाम पड़ा चौपड़ा गणेश

भगवानगणेश की पंचमुखी प्रतिमा पहले रंजन स्वामी के आधिपत्य में थी। बाद में स्टेडियम मार्केट के पास चौपड़ा परिवार द्वारा बनाकर दिए गए चौपड़ा प्रतीक्षालय में विराजित कर दी गई। प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा में स्व. ललित प्रकाश चाैपड़ा का अहम योगदान रहा। तभी से मंदिर का नाम चौपड़ा गणेश हो गया। उनके निधन के बाद से मंदिर को लेकर विवाद शुरू हो गया। एक समिति रंजन स्वामी की तो दूसरी उन श्रद्धालुओं की है जो रोज मंदिर आते हैं।

^दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद की सुनवाई जारी है। आगामी त्योहार देखते हुए किसी प्रकार का विवाद हो इसलिए आदेश जारी किया। दोनों पक्ष का गर्भगृह में प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित है। आरती, पूजा प्रभावित हो इसलिए नियुक्त पुजारी ही प्रवेश कर सकेगा। रिसीवर नियुक्त किए हैं वे संचालन देखेंगे। राजेंद्रसिंह,एसडीएम

^एसडीएमने क्या निर्णय दिया मुझे नहीं मालूम। रिसीवर नियुक्त किया हैं तो उसकी प्रति मुझे समित