होना थे 2 हजार, मतदाता हैं 128
वार्डपरिसीमन जैसे कार्य में नपा के अफसर किस तरह लापरवाही करते हैं। इसका उदाहरण सीआरपीएफ के ये दो वार्ड है। परिसीमन करते वक्त तो इनकी जनसंख्या पर ध्यान दिया और भौगोलिक स्थिति पर। इससे तो वार्डों की भौगोलिक स्थिति बदल पाई और मतदाताओं की जनसंख्या बढ़ पाई। वार्ड परिसीमन के मुताबिक वार्ड में मतदाताओं की संख्या दो हजार होना चाहिए। इसके लिए भौगोलिक स्थिति को बदल सकते थे लेकिन नपा अधिकारियों ने नियम को नजर अंदाज कर दिया। अब इस गलती को लेकर आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक और पार्षद अमित शर्मा ने निर्वाचन आयोग को शिकायत की। उन्होंने शिकायत में कहा नपा में सालों से जमे अफसर सीआरपीएफ क्षेत्र की भौगोलिक और मतदाता स्थिति को जानते हैं कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए परिसीमन के नियमों को ताक में रख दिया। इसके चलते सीआरपीएफ के दाे वार्ड फिर छोटे रह गए। इससे चुनाव में खरीद-फरोख्त बढ़ेगी। इससे निष्पक्ष चुनाव नहीं हो पाएंगे।
कभी समान नहीं रही
पिछले चुनाव के दौरान वार्ड नंबर 33 में मतदाताओं की संख्या 137 थी। यह जानते हुए नए वार्ड परिसीमन के दौरान ध्यान नहीं दिया। जब नपा चुनाव के लिए मतदाताओं की सूची जारी हुई तो वार्ड 33 में 128 वार्ड 32 में 712 मतदाताओ की संख्या हैं जबकि आस-पास के वार्डों की संख्या दो हजार से ज्यादा है।
नियमका उल्ल्घंन
शिकायतकर्ताके मुताबिक निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार वार्ड के वोटरों की संख्या के लिए निकाय के कुल वोटरों की संख्या में कुल वार्डों की संख्या का भाग देना हैं। जो संख्या आए उसमें 15 प्रतिशत कम या ज्यादा रखकर वार्ड के मतदाता की संख्या रखने का प्रावधान हैं। इस नियम को नजर अंदाज करते हुए लापरवाही बरती गई। इससे वार्डों में कम से कम 1700 वोटर होना था, वहा 128 712 मतदाता हैं।
परिसीमन सही
^निर्वाचनआयोग के निर्देशानुसार वार्डों का परिसीमन किया हैं। निर्वाचन आयोग जानकारी मांगेगा तो हम जवाब दे देंगे। सीपीराय, सीएमओनगरपालिका
गड़बड़ीसंभव
^सबकुछपता होने के बावजूद लापरवाही हुई। चुनाव में इतने कम मतदाता होंगे तो चुनाव में क्या स्थिति बनेगी। पिछले चुनाव में कम मतदात होने के कारण खरीद-फरोख्त के मामले सामने आए थे। परिसीमन के दौरान स्पष्ट नहीं था कितने मतदाता होंगे। अब पता चला तो शिकायत की हैं। जिन्होंने लापरवाही की उनके खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए। अमित