आनंद मेले में छात्राओं ने लगाई 30 स्टॉल
नीमच | शहर सहित अंचल में वसंतोत्सव की दूसरे दिन भी धूम रही। शहर के प्रमुख मंदिरों मंे श्रीकृष्ण का पीले फूलों से शृंगार किया गया। वहीं विभिन्न समाज के महिला संगठनों, स्कूल कॉलेजों में वसंत उत्सव का उल्लास छाया गया।
शहर के जाजू गर्ल्स कॉलेज में शनिवार को वसंतोत्सव समापन समारोह के तहत आनंद मेले का आयोजन किया गया। जिसमें छात्राओं ने 30 प्रकार विभिन्न स्टॉल लगाई। इसमें स्वादिष्ट व चपटे व्यजंन, गेम्स व अन्य प्रकार की सामग्रियां की प्रस्तुति दी।
मुख्य अतिथि के रुप में विधायक दिलीपसिंह परिहार ने छात्राओं द्वारा लगाई गई स्टॉल का निरीक्षण किया और उनके द्वारा बनाए व्यंजनों के आनंद लेने के साथ ही स्टॉल पर खेल में भाग लिया। एक स्टॉल पर छात्राओं ने विधायक परिहार की आंखों पर पट्टी बांधी और स्टॉल में लटके डिब्बे छड़ी से बजाने लिए कहा। इस पर विधायक परिहार ने भी उत्साह के साथ खेल में भाग लिया।
मेले का शुभारंभ सुबह 11 बजे विधायक दिलीपसिंह परिहार ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य एनके डबकरा ने कहा कि वसंतोत्सव की विभिन्न विधाओं में छात्राओं ने कलात्मकता की जो छटा बिखेरी है उससे आने वाले समय में बेहतर प्रतिभाएं निखारने का रास्ते खुले है। वसंत मेले के प्रभारी प्रतिभा कालानी, एमएस सलूजा, प्राची मेले का शानदार संयोजन किया। संचालन डाॅ. प्रवीण शर्मा ने किया।
मेले में आकर्षण का केंद्र रही पेटिंग- मेले में छात्रा राधा रेगर द्वारा बनाई पेटिंग ने काफी सराहनीय रही। इन पेटिंग की कलात्मकता से प्रभावित होकर उज्जैन के आकृति कला संस्थान ने सभी पेटिंग को अपने संस्थान के लिए खरीदा है एवं भविष्य में यह संस्थान राधा रेगर से पेटिंग से बनवाता रहेगा।
ये रहे विजेता
एकल नृत्य-प्रथम आफरीन मिर्जा।
गायन- प्रथम साहिस्ता खान।
समूह नृत्य- प्रथम अंजली सोलंकी समूह।
नाटक- प्रथम सोना धाकड़ समूह।
व्यंजन स्टाॅल- प्रथम रंजना यादव समूह।
लीड कॉलेज में भी रही वसतोत्सव की धूम
स्वामी विवेकानंद पीजी कॉलेज में वसंतोत्सव पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे कॉलेज प्राचार्य सहित प्रोफेसरों ने मां सरस्वती की मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की। प्राचार्य देवेंद्र राठौर, प्रो. एनएल शर्मा, दीपा कुमावत, रमेश आर्य, प्रशांत मिश्रा सहित कॉलेज का स्टाफ उपस्थित थे। इसके पश्चात छात्राओं ने कॉलेज परिसर में रांगोली बनाई।