धूप में बैठे दूल्हा-दुल्हन और बाराती, पानी के लिए इधर-उधर भटके
फूलों से सजा मंडप और गूंजती शहनाई। फेरे कराने की तैयारियों करते पंडित और दुल्हन का इंतजार करते बाराती। यह नजारा था शुक्रवार में टाउन हॉल में होने वाले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह का जहां वर और वधू पक्ष के लोगों को पीने का पानी और धूप से बचने के लिए टेंट तक नसीब नहीं हुआ।
जिला प्रशासन ने सरकारी मंडप तो सजा दिया लेकिन विवाह समारोह में आने वाले जोड़ों और उनके परिजन के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। आयोजन स्थल पर न तो बाहर से आने वाले लोगों के ठहरने का माकूल इंतजाम था और न ही पीने के पानी का। टेंट के नाम पर सिर्फ कनातें ही थीं। इससे धूप के कारण परेशान लोग छांव तलाशते नजर आए। पेयजल के लिए टंकी रखवाने के बजाय बाल्टियों में पानी भरकर उन्हें खुला छोड़ दिया। इससे धूल और कचरा गिरने से लोगों ने पीना मुनासिब नहीं समझा। लोगों को प्यास बुझाने के लिए पानी खरीदना पड़ा। वर-वधू पक्ष के लोगों के लिए शासन की ओर से भोजन के 10-10 पैकेट दिए जाने थे इसके लिए लोगों को काफी इंतजार करना पड़ा। नतीजतन दूल्हा-दुल्हन सहित सभी लोग भूख-प्यास परेशान होते रहे।
टाउन हॉल में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत यज्ञ में आहुति दिलाकर विवाह प्रक्रिया संपन्न कराते पंडित और उपस्थित परिजन।
आयोजन स्थल पर टेंट के नाम पर सिर्फ कनातें लगा दी गईं जिससे वर-वधु से लेकर उनके परिजन तक छांव तलाशने के लिए भटकते रहे।
फेरों से पहले सुविधाघर का संकल्प
नीमच जनपद के 22 जोड़े विवाह सूत्र में बंधे। इस दौरान परिणय-सूत्र में बंधने से पहले नवयुगलों ने घर में सुविधाघर बनाने और स्वच्छता का संकल्प लिया। वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए समारोह में विधायक दिलीपसिंह परिहार, सुचित्रा परिहार, जिला पंचायत अध्यक्ष अवंतिका जाट, नीमच जनपद पंचायत सीईओ अरविंद डामोर, डिप्टी कलेक्टर वंदना मेहरा, वंदना खंडेलवाल, हेमंत हरित, भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष किरण शर्मा मौजूद थे।
डिप्टी कलेक्टर वंदना मेहरा ने बताया सर्दी का मौसम होने से विवाह समारोह स्थल को कवर्ड नहीं किया गया। पेयजल और भोजन को लेकर यदि कोई अव्यवस्था रही तो चैक करवाया जाएगा। संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।
सर्दी के कारण लगाई कनातें
अव्यवस्थाओं की शादी