28 दिन बाद भी नपा ने शुरू नहीं किया लीज नवीनीकरण
शासन ने तो 16 महीने बाद गजट नोटिफिकेशन जारी कर राहत लीजधारियों को राहत दे दी लेकिन नगरपालिका के रवैये ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। लीज नवीनीकरण के लिए स्टाम्प ड्यूटी एक्ट में संशोधन के 28 दिन बाद भी लीजधारी नवीनीकरण के लिए नपा के चक्कर काटने को मजबूर हैं। उनसे आवेदन तो लिए जा रहे हैं लेकिन कोई यह बताने को तैयार नहीं की नवीनीकरण होगा कब। इससे लोगों को लोन व निर्माण अनुमति मिलने व प्रॉपर्टी बेचने में दिक्कत आ रही है।
शासन ने सितंबर 2014 में एक्ट में संशोधन कर लीज नवीनीकरण पर वर्तमान बाजार मूल्य के हिसाब से स्टाम्प ड्यूटी लेने का नियम लागू कर दिया था। इससे जिस प्रॉपर्टी का लीज नवीनीकरण 3 से 4 हजार रुपए में हो रहा था उसके 4 से 5 लाख रुपए तक लगने लगे। इसका भारी विरोध हुआ। सरकार ने दिसंबर 2014 में एक्ट में संशोधन किया लेकिन त्रुटि होने के कारण इसका लाभ लोगों को लाभ नहीं मिल सका। स्टाम्प ड्यूटी कई गुना ज्यादा होने से लोगों ने लीज अवधि गुजरने के बाद भी नवीनीकरण नहीं कराया। इससे उन्हें बैंक से लोन मिलना ही बंद हो गया। व्यापारी वर्ग को बैंक लिमिट भी नहीं मिली। भवन निर्माण अनुमति और नामांतरण सहित अन्य काम भी प्रभावित हो गए। 14 जनवरी 2016 को शासन ने स्टाम्प ड्यूटी एक्ट में संशोधन का गजट नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें पुरानी दर पर ही लीज नवीनीकरण का प्रावधान है। इससे लीज नवीनीकरण के लिए रोज नपा में लोग पहुंच रहे हैं लेकिन नपा नवीनीकरण नहीं कर रही है।
लीजधारियों की परेशानी उन्हीं की जुबानी
राजस्व कॉलोनी निवासी सुनील सिंहल को बैंक संबंधी काम में दिक्कत आ रही है। उन्होंने बताया नपा में कई बार जिम्मेदारों से पूछा लेकिन कोई यह नहीं बता पा रहा है कि लीज नवीनीकरण कब होगा। शिक्षक नगर के राजेश शर्मा बताते हैं चार बार चक्कर लगा चुका हूं। नगरपालिका ने तो लापरवाही की हद ही कर दी है। अधिकारी-कर्मचारी परेशान कर रहे हैं।
नपा की राजस्व शाखा में लीज नवीनीकरण के िलए लोगों लीजधारक।
2500 लोगों को प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार
शहर में नगरपालिका के साढ़े पांच हजार से ज्यादा लीजधारी हैं। नपा सूत्रों की मानें तो करीब ढाई हजार लोगों को लीज अवधि समाप्त हो गई है। इन सभी को नवीनीकरण कराना हैं।
आदेश तो दे दिए- नपा सीएमओ सविता प्रधान ने बताया मैंने राजस्व अधिकारी को लीज नवीनीकरण के लिए कर्मचारी नियुक्त करने के साथ कार्रवाई शुरू करने के आदेश काफी पहले ही दे दिए हैं। देरी क्यों हो रही है, पता करवाती हूं।
बैंक कर्ज नहीं दे रही : लीज खत्म होने से बैंक से प्रॉपर्टी पर किसी प्रकार का कर्ज नहीं मिल रहा। ऐसे में मकान बनाने, विवाह, नए व्यापार सहित अन्य कार्य जो बैंक में प्रॉपर्टी लोन लेकर किए जा सकते हैं, अटक गए हैं।
बैंक लिमिट में परेशानी : बैंक सामान्यत: प्रॉपर्टी के कागजात रखने पर आसानी से क्रेडिट लिमिट देती हैं। जिनकी लिमिट समाप्त हो चुकी है वे लीज समाप्त होने से नई लिमिट नहीं बनवा पा रहे हैं।
नामांतरण व निर्माण अनुमति नहीं : लीज की संपत्ति बेचने में दिक्कत आ रही है। उनका न तो नामांत्रण हो पा रहा है और न ही निर्माण कर पा रहे हैं। वजह लीज खत्म होने से निर्माण अनुमति नहीं मिलना है।
नहीं हो रही रजिस्ट्री : लीज अवधि खत्म होने से प्रॉपर्टी पर मालिक का हक खत्म हो जाता है। ऐसे में यह संपत्ति खरीदने-बेचने पर रजिस्ट्री भी नहीं हो पा रही है। एेसी कई प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री अटकी हैं।
16 महीने से रुके हैं ये काम