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सीएमओ के कैबिन में मीटिंग, बाहर होता रहा हंगामा
नगरपालिकामें बुधवार दोपहर 2 बजे अजब नजारा था। सीएमओ सीपी राय कैबिन में विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों की मीटिंग में मशगूल थे। बाहर वार्ड 4 की महिलाएं हंगामा कर रही थीं। उनकी मांग थी उनका वार्ड पिछड़ा वर्ग महिला से सामान्य किया जाएं। महिलाएं चिल्लाती रही और सीएमओ बैठक लेते रहे। करीब एक घंटे तक महिलाएं हंगामा करती रहीं। सीएमओ बाहर नहीं आए तो महिलाएं गेट पर तैनात कर्मचारी को धक्का देकर अंदर घुस गई। अंदर बैठक में जाकर कहा आप पहले हमारी समस्या सुनें। बैठक तो रोज होती। हम रोज नहीं आते। सीएमओ रॉय ने कहा बताएं, क्या समस्या है, थोड़ा सब्र कर लेते। दूसरे काम भी महत्वपूर्ण होते हैं। महिलाओं ने कहा हमारा वार्ड पिछड़ा वर्ग महिला कर दिया है, उसे सामान्य कर दो। सीएमओ ने महिलाओं को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं मानीं। बाद में सीएमओ ने कहा बाहर काउंटर पर आवेदन दो, पर्ची कटाओ, फिर देखते। उसके बाद महिलाएं बाहर चली गईं। सीएमओ कैबिन में मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना को लेकर समीक्षा बैैठक ले रहे थे। इसमें नपा के निर्माण राजस्व विभाग के अधिकारी इंजीनियर शामिल थे।
अनारक्षित होना चाहिए
^यहवार्ड 4 का पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया है। यहां इस वार्ड में इस वर्ग की चुनाव लड़ने योग्य महिला नही हैं। इसलिए वार्ड को अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित किया जाए। सुमनचावड़ा, वार्डनिवासी
पुन: आरक्षण करें
^कोईकाम नहीं करता हैं, हर बार दूसरे क्षेत्र का व्यक्ति चुनाव लड़ता हैं। इस बार फिर आरक्षित वर्ग के लिए वार्ड आरक्षित किया। पुन: आरक्षण किया जाए। जब वार्ड एक तीन का आरक्षण बदला जा सकता है तो इस वार्ड का क्यों नहीं। मैं इस वार्ड से चुनाव लड़ूंगी। पवित्राचावड़ा, वार्डनिवासी
बदलना चाहती हैं आरक्षण
^वार्डनंबर चार कई बार से आरक्षित वार्ड की श्रेणी में है। जिस वर्ग के लिए आरक्षित है उस वर्ग का प्रत्याशी नहीं मिलता। दूसरे वार्ड का व्यक्ति चुनाव लड़ता है। वर्तमान पार्षद दूसरे वार्ड में रहता है। किसी काम के लिए जाते हैं तो वह मिलता नहीं। मिल गया तो सुनता नहींं। इस लिए यह वार्ड अनारक्षित महिला होना चाहिए। जायदाबी, वार्डनिवासी
प्रावधान नहीं
^वार्डोंका आरक्षण नियमानुसार किया है। आरक्षण के प्रावधान में आपत्ति सुनने का प्रावधान नहीं हैं। जो आपत्ति होती है आरक्षण प्रक्रिया के दौरान ही