दृढ़ विश्वास ही सफलता का मूलमंत्र- प्रणम्यसागर
नीमच | दृढ़ विश्वास ही सफलता का मूलमंत्र है। जहां विश्वास डगमगाया तो कोई भी तांत्रिक, ज्योतिषी मूर्ख बना देगा। इसलिए हम भगवान के प्रति सच्चा विश्वास और आस्था रखें। सकारात्मक सोच के साथ हर कार्य करें तो असफलता हमारे पास भी नहीं फटकेगी। यह बात दिगंबर जैन मुनि प्रणम्यसागर महाराज ने कही।
शुक्रवार को दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा में मुनि ने कहा हम पुण्य कर्म का परमार्थ करते रहें तो मिथ्यात्व अपने आप कमजोर हो जाएगा। ग्रह-दशा का हमारे उपर कोई प्रभाव नहीं पडता है, कर्मों का प्रभाव पड़ता है। इसलिए हम अंधविश्वास, तांत्रिक, जादू-टोना से सदैव बचें। कर्म का उदय पुण्य से जीत सकते हैं। मुनिश्री ने कहा कर्म के बंध से हम नहीं छूट सकते हैं। कर्म का बंध और उदय अनादिकाल से चला आ रहा है। कर्मों में मिथ्यातत्व कर्म सबसे बड़ा होता है। यह बुद्धि को उलटा कर देता है। इसका सबसे बडा प्रभाव ज्ञान पर पडता है। कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन पदम गोधा ने किया। मंगलाचरण संगीता सरावगी ने किया। दिगम्बर जैन समाज के सचिव प्रमोद गोधा ने बताया प्रवचन प्रतिदिन सुबह 8.45 बजे, तत्वज्ञान चर्चा दोपहर 3.00 बजे, गुरु भक्ति शाम 6.00 बजे आयोजित होगी।