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एडीएम ने प्रभारी नायब तहसीलदार से कहा- पांच बार लिखो आवेदन

5 वर्ष पहले
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जनसुनवाई के दौरान उस समय रोचक स्थिति बन गई जब प्रभारी नायब तहसीलदार बुजुर्ग महिला की सहायता दिलाने के लिए ठीक से आवेदन ही नहीं लिख पाए। इससे एडीएम प्रीति मैथिल नायक ने आपत्ति जताते हुए उन्हें पांच बार आवेदन लिखने के निर्देश दिए।

एक बुजुर्ग महिला को सहायता के लिए एडीएम प्रीति मैथिल ने प्रभारी नायब तहसीलदार (सहायक भू-अिभलेख अधीक्षक) दीपक अवस्थी को आवेदन लिखने के लिए कहा। अवस्थी ने जब आवेदन लिखकर एडीएम मैथिल को दिया तो उन्होंने कहा कि बस दो लाइन का, इतना छोटा आवेदन, इसमें न मरने की तारीख लिखी और न पूरी बात। आवेदन फिर से लिखिए और पांच बार लिखकर दीजिए। यह सुनकर जनसुनवाई में मौजूद अधिकारियों को स्कूल जीवन की याद आ गई जब शिक्षक किसी भी गलती पर पांच बार लिखने के लिए देते थे।

दरअसल मंगलवार को कलेक्टोरेट में जनसुनवाई में चल्दू निवासी राजकुंवर पति कालूसिंह दरोगा (60) पहुंची। उन्होंने एडीएम को बताया पति कालूसिंह की दो साल पहले चल्दू फंटे पर सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद से अब तक शासन से किसी भी प्रकार की सहायता नहीं मिली है। इस पर एडीएम मैथिल ने प्रभारी नायब तहसीलदार दीपक अवस्थी को महिला की ओर से मदद दिलाने के लिए आवेदन लिखने के लिए कहा। प्रभारी नायब तहसीलदार ने जैसे ही आवेदन लिखकर दिया, एडीएम के मुहं से निकला- ‘बस दो लाइन का आवेदन। इतना छोटा आवेदन। इसमें तो मृत्यु की तारीख तक नहीं लिखी है। फिर से लिखो। अब यह आवेदन पांच बार लिखकर देना।’ इस पर सफाई देते हुए प्रभारी नायब तहसीलदार अवस्थी ने कहा- ‘मैडम, महिला न तो पति की मृत्यु की तारीख बता पा रही है और न ही अन्य कोई जानकारी दे पा रही है।’ यह सुनते ही एडीएम ने कहा- ‘हम इसी बात की तो तनख्वाह पाते हैं।’ एडीएम और प्रभारी नायब तहसीलदार के इस वार्तालाप को लेकर जनसुनवाई में मौजूद अधिकारी और फरियादी काफी देर तक चुटकी लेते रहे। उनका कहना था इस घटना ने उन्हें स्कूल के दिन याद दिला दिए।

प्रभारी नायब तहसीलदार दीपक अवस्थी को पांच बार आ‌वेदन लिखकर देने का निर्देश देतीं एडीएम प्रीति मैथिल नायक।

अवस्थी मेहनती हैं, बुरा नहीं लगा होगा- एडीएम
एडीएम मैथिल के अनुसार- मैंने तो सामान्य रूप से यह बात कही थी। आवेदन में पूरी बात तो आना ही चाहिए। प्रभारी नायब तहसीलदार अवस्थी मेहनती हैं। उसे मेरी बात का बुरा नहीं लगा होगा।

मैडम जो भी कहती हैं प्रेम से कहती हैं- अवस्थी
मामले में प्रभारी नायब तहसीलदार अवस्थी का कहना है कि मैडम कुछ भी कहती हैं तो प्रेम से कहती हैं। इसमें बुरा मानने वाली कोई बात नहीं है। उन्होंने पांच बार आवेदन लिखने के लिए कहा जरूर था लेकिन मैंने सिर्फ एक बार ही लिखा। प्रयास करेंगे कि महिला (राजकुंवर) को किसी न किसी योजना में लाभ अवश्य मिले।

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