पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • जिले में एक करोड़ से बनेगी हाईटेक नर्सरी

जिले में एक करोड़ से बनेगी हाईटेक नर्सरी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सबकुछ ठीक रहा तो जल्द जिले में कम्प्यूटर सिस्टम से विभिन्न किस्मों के पौधे तैयार होंगे। ये संभव होगा राज्य सरकार के हाईटेक नर्सरी प्लान के तहत। इसके लिए करीब एक करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

जिले में हाईटेक नर्सरी पर उद्यानिकी विभाग सक्रियता से कार्य कर रहा है। इसका प्लान राज्य शासन को भेजा है। साथ ही किसानों को प्रशिक्षित करने की योजना तैयार की है। हाईटेक नर्सरी के लिए जावद के मोरवन में चार हेक्टेयर जमीन चिह्नित की है। यहां पॉली प्लांट और नेट प्लांट से ढंककर परिसर को कम्प्यूटराइज्ड किया जाएगा। बीज डालने के बाद कौन-सी फसल कब आएगी और कितना पानी देना होगा। खाद-दवा से लेकर अन्य डिमांड के मुताबिक सारी जरूरतों को वहां लगे कम्प्यूटर पहचान जाएंगे। फसल, उसके उत्पादन और नुकसान का आंकलन कर सकेंगे। किसानों को फायदा होगा कि बीज खराब होंगे पौधे।

पहलेचरण में 20 नर्सरी का चयन- सरकारप्रदेशभर में 100 नर्सरी को हाईटेक करने जा रही है योजना के प्रथम चरण में प्रदेश की 20 नर्सरियों का चयन किया है। इसमें नीमच जिला भी है। उद्यािनकी विभाग ने मोरवन क्षेत्र में चार हेक्टयेर जमीन चिन्हित कर हाईटेक नर्सरी का प्रस्ताव भोपाल पहुंचाया है।

पौधेकी गुणवत्ता बेहतर- आधुनिकनर्सरी में तैयार होने वाले पौधे की गुणवत्ता बेहतर है। उक्त पौध को नर्सरी से निकालने के बाद 24 घंटे जिंदा रखा जा सकता है। नर्सरी से पौधे निकालने के 24 घंटे बाद तक खेत में रोपाई की जा सकती है। कम्प्यूटराइज्ड नर्सरी लगने के बाद किसानों को सब्जी के पौधे तैयार करने में आसानी होगी। जो सब्जी फसल किसान लगाना चाहेगा, उसके बीज वे विभाग को उपलब्ध करा देंगे। इसके बाद वे 21 दिन बाद नर्सरी जाकर पौधे ले सकेंगे।

किसानों को लाभ

^जिलेमें कम्प्यूटराइज्ड नर्सरी तैयार करने के लिए रूपरेखा तय हो चुकी है। प्रस्ताव भोपाल भेजा है। जिले में यह सुविधा द्वितीय चरण में मिल जाएगी। किसानों को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।- अजयसिंहचौहान, परियोजनाअधिकारी, उद्यानिकी विभाग, नीमच।

यह रहेगी सुविधा

हर्बलगार्डन में मदर प्लांट और नए पौधे तैयार करने के लिए पॉली हाउस और ग्रीन हाउस का निर्माण होगा। औषधीय पौधों को विकसित किया जाएगा। दुर्लभ प्रजाति के पौधे तैयार किए जाएंगे। ड्रिप सिस्टम, सोल टेस्टिंग लैब की सुविधा रहेगी। मदर प्लांट सिस्टम से मातृवृक्ष पौधे तैयार किए जा