शहर और गांव के फेर में परेशान हो रहे 4 कॉलोनियों के 50 हजार लोग
उपनगर बघाना से जुड़ी रिटायर्ड कॉलोनी, राम अवतार कॉलोनी, अमर कॉलोनी और जायसवाल कॉलोनी के रहवासी वर्षों से नगरपालिका और ग्राम धनेरियाकलां के बीच फंसे हुए हैं। स्थिति यह है कई परिवारों के राशन कार्ड नगरपालिका नीमच में बने। मतदान का अधिकार भी शहरी तो कभी पंचायत क्षेत्र में आता है। ग्राम पंचायत धनेरियाकलां इन कॉलोनियों को अवैध मानती है, तो नगरपालिका इन्हें अपना नहीं मानती हैं। ऐसे में वर्षों से इन चार कॉलोनियों के पांच हजार से ज्यादा रहवासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित होकर परेशान हैं।
चारों कॉलोनियां ग्राम पंचायत धनेरयिा में आती हैं। ये उपनगर बघाना से जुड़ी हैं। घर एक एक रास्ता गांव में तो दूसरा बघाना में खुलता है। क्षेत्र के रहवासी और सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश राव, शिवनारायण धनाेतिया ने बताया 18 साल से चारों कॉलोनियों में मूलभूत सुविधा मिल और शहरी क्षेत्र में जोड़ने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। समस्या निदान के लिए ज्ञापन देने के साथ ही रैली, धरना, आंदोलन, घेराव तक कर चुके हैं। नगरपालिका से लेकर कलेक्टर और नेताओं, जनप्रतिनिधियों तक से मिल चुके हैं। वार्ड 40 के पूर्व पार्षद जुगल अहीर ने बताया इन कॉलोनियों को अपने क्षेत्र में मिलने के लिए कई बार कह चुका हूं। फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
अमर कॉलोनी
क्या कहते रहवासी- 20 वर्षों से यहां रह रहा हूं। सारा काम शहर से होता है। पानी के लिए भटकना पड़ता है। सीआरपीएफ टंकी से पानी लाते हैं। सभी आवश्वासन देते हैं। सुंदरलाल कैथवास, रहवासी
क्षेत्र-अमर कॉलोनी
मकान-140
अबादी- 200
सुविधा नहीं, सब आश्वासन देते हैं
रिटायर्ड कॉलोनी
क्या कहते रहवासी- 300 परिवार रहते हैं। हम सभी 15 साल से परेशान हैं। क्षेत्र में सिर्फ एक हैडपंप है। वह भी टूट चुका है। खरीदकर पानी की व्यवस्था करते हैं। कई बार काफी दूर से पानी लाना पड़ता है। किशोर लखेड़ा, रहवासी
क्षेत्र रिटायर्ड कॉलोनी
मकान-300
आबादी- 2500
एक हैंडपंप, 300 परिवार
रामअवतार कॉलोनी
क्या कहते रहवासी- कोई कुछ नहीं करता, हम कहां जाएं नगरपालिका अपना मानती है न पंचायत। कॉलोनी में 20 साल से रहे हैं। आज तक किसी ने हमारी नहीं सुनी। कमल बनौधा (60), रहवासी
क्षेत्र- रामअवतार कॉलोनी
मकान-170
आबादी 1500
कोई कुछ नहीं करता, कहां जाएं
जायसवाल कॉलोनी
क्या कहते रहवासी- कॉलोनियां शहर से जुड़ी हैं। पंचायत शहर में शामिल करने के लिए लिखकर दे चुकी हैं। तीन साल पहले नपा ने सर्वे भी किया, पर कुछ नहीं किया। 18 साल से संघर्ष कर रहे है, फिर भी कुछ नहीं हुआ। मुकेश राव, सामाजिक कार्यकर्ता
क्षेत्र-जायसवाल कॉलोनी
मकान- 40
आबादी-300
18 साल से कर रहे संघर्ष
अवैध कॉलोनी, बजट नहीं
चारों कॉलोनी अवैध हैं। बजट नहीं आता। पंचायत से कोई सुविधा नहीं दे सकते। हम बहुत पहले नपा व कलेक्टर को क्षेत्रों को नगरीय क्षेत्र में मिलाने के लिए लिखकर दे चुके हैं। वे पूरी पंचायत मांगते हैं वो कैसे दे देंवे। देवकन्या राठौर, सरपंच- धनेरियाकलां
नपा में नहीं, कैसे सुविधा दें
चारों कॉलोनियां नगरपालिका क्षेत्र में नहीं हैं। कैसे सुविधा दें। जब तक नियमानुसार यह क्षेत्र हमें नहीं मिलता हम कुछ नहीं कर सकते। पहले प्रयास हुए थे, क्यों रुक गए यह नहीं मालूम। सविता प्रधान, सीएमओ- नपा
कलेक्टर से चर्चा करूंगा
नगरपालिका क्षेत्र में चारों कॉलोनियों को शहरी क्षेत्र में मिलाने में कोई दिक्कत नहीं हैं। बिना प्रक्रिया के शामिल नहीं कर सकते हैं। इस बारे में कलेक्टर से चर्चा करेंगे। राकेश जैन पप्पू, नपाध्यक्ष