अब घर बैठे मिल जाएगी खसरे की नकल
किसानोंको जमीन पर ऋण लेना आसान हो गया है। इसके लिए उन्हें खसरा-खतौनी की नकल लेने के लिए तहसील के चक्कर नहीं काटना पड़ेंगे। अब किसान यह घर बैठे वेबसाइट से निकाल सकेंगे।
किसानों की सहूलियत के लिए राजस्व विभाग जल्द ही एक पोर्टल शुरू करने वाला है। इस पर जमीनों के खसरे-खतौनी सहित अन्य जानकारी अपलोड की जाएगी। इससे किसान कहीं से भी इंटरनेट की मदद से अपनी जमीन के खसरे-खतौनी की नकल निकाल सकेंगे। अभी किसानों को इसके लिए तहसील के चक्कर लगाना पड़ते हैं। सूत्रों के अनुसार राजस्व विभाग ने तहसीलों को अप्रैल तक सारी जानकारी फीड करने के निर्देश दिए हैं। इससे संभावना जताई जा रही है कि पोर्टल अप्रैल से शुरू हो जाएगा।
अभी तक मध्यप्रदेश लैंड रिकॉर्ड की वेबसाइट पर फीड खसरा प्रामाणिक नहीं होता था। इसलिए अब पोर्टल पर अपलोड किए जाने वाले खसरे-खतौनी तहसीलदार द्वारा सत्यापित करने के बाद अपलोड किए जाएंगे। इस पर तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे। यह कानूनी तौर पर मान्य होगी। इस सुविधा से जिले के 1.5400 किसानों को फायदा मिलेगा। वे इसका किसी भी कार्य के लिए उपयोग कर सकेंगे। इससे उनका समय बचेगा।
बैंकऋण की जानकारी अपडेट करेगी
पोर्टलपर यूजर की आईडी बैंकों के पास भी होगी। बैंक अपनी आईडी से जमीन पर किसान को दिए जा रहे ऋण की जानकारी फीड कर सकेगी। अभी तक तहसील कार्यालय की जानकारी फीड होती थी। अब बैंक ऋण देते समय ही राशि प्रकरण संबंधी अन्य जानकारियों फीड कर देगी।
{ किसान कहीं से भी खसरा-खतौनी की नकल निकाल सकेंगे।
{ किसानों को तहसील के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे।
{तहसील आने-जाने का खर्च बचेगा।
{समय की भी बचत होगी जिसका वे सदुपयोग कर पाएंगे।
{तहसील में नकल के लिए भीड़ नहीं लगेगी।
{तहसील के कर्मचारियों का समय भी बचेगा।
ऑनलाइन निकाल सकेंगे
^ऋणदेन से पहले जमीन से संबंधित जानकारी ऑनलाइन निकालते थे जो प्रामाणिक नहीं थी। किसानों को तहसील से खसरे-खतौनी की नकल निकलवाना पड़ती है। सीएसचौहान, लीड बैंक अधिकारी
जानकारी दर्ज होगी
^जानकारीफीड की जा रही है। जल्द ही पोर्टल शुरू किया जाना है। इसके बाद घर बैठे इंटरनेट से खसरे की नकल निकाली जा सकेगी। जगदीशमेहरा, एसडीएम, नीमच
सुविधा