नीमच की बेटी फोर्ब्स पत्रिका में
बस्तर संभाग के लोगों को न्याय दिलाने में जुटी ईशा खंडेलवाल
उपलब्धि
एसबीआई के सेवानिवृत्त मैनेजर महेश खंडेलवाल की बेटी ईशा को फोर्ब्स पत्रिका ने जगह दी। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लोगों को न्याय दिलाने में जुटी ईशा को अभी दो सहेलियों के साथ लॉ, पॉलिसी एंड पॉलीटिक्स कैटेगरी में शामिल किया गया हैैं।
फोर्ब्स पत्रिका ने 2015 के अंक में अंडर-30 युवाओं को स्थान दिया है जो कुछ अलग कर रहे हैं। इनमें नीमच की ईशा भी शामिल हैं। वे जगदलपुर लीगल एड ग्रुप की सदस्य हैं। यह ग्रुप ईशा, गुनीत कौर, परिजात भारद्वाज ने बनाया। यह ऐसे लोगों को न्याय दिलाने में जुटा है जो निरपराध हैं जिनके प्रकरण लंबित हैं।
पढ़ाईके दौरान सुना था - ईशाने बताया पढ़ाई के दौरान सुना था कि बस्तर में बेगुनाहों को जेल में रखा है। कोर्ट में काफी प्रकरण लंबित हैं। कई निरपराध जेल में हैं। कई तो अपराध के लिए नियत सजा से भी ज्यादा समय से कैद हैं। हमारा ग्रुप 70 प्रकरण देख रहा है। कई प्रकरणों में तो हम स्थानीय वकीलों की मदद भी कर रहे हैं।
नीमचमें हुई हासे तक पढ़ाई- विकासनगरस्थित पैतृक निवास में 2007 तक रही ईशा की हायर सेकंडरी तक की पढ़ाई कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में हुई। 2007 में पिता का तबादला इंदौर होने पर परिवार वहां बस गया। ईशा ने ग्रेजुएशन इंदौर 2013 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से एलएलबी की।
कितना महत्वपूर्ण है
द्वि-साप्ताहिकपत्रिका फोर्ब्स का प्रकाशन फोर्ब्स इन्कॉर्पोरेट कंपनी करती है। शुरुआत 1917 में बर्टी चार्ल्स फ़ोर्ब्स ने की थी। प्रसार संख्या करीब साढ़े नौ लाख है। Forbes.com अग्रणी व्यावसायिक वेबसाइटों में से एक है। कंपनी फोर्ब्स एशिया, फोर्ब्स लाइफ फोर्ब्स वुमन पत्रिकाओं का प्रकाशन भी करती हैं। चीन, क्रोएशिया, भारत, इंडोनेशिया, इजरायल, कोरिया, पोलैंड, रोमानिया, रूस, तुर्की में 10 भाषाओं का लाइसेंस है।
ईशा खंडेलवाल।