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चुनाव हारे सरपंच ने जलसेवा ही बंद कर दी

6 वर्ष पहले
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चुनाव हारने के बाद जनप्रतिनििधयों के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक सरपंच ने तो चुनाव हारने के अगले ही दिन जलसेवा बंद कर। इससे नई आबादी के 75 घरों में दो दिन से नलों में पानी ही नहीं आया। लोगों को पानी के इंतजाम के लिए भटकना पड़ा। ऐसे में नवनिर्वाचित सरपंच को प्रभावित इलाकों में टैंकर भेजना पड़ा।

मामला जावद विकासखंड की केशरपुरा पंचायत का है। यहां सरपंच रूपसिंह जाट के निजी कुएं से नई आबादी क्षेत्र के 75 घरों में नलों से पानी भेजा जाता है। उन्होंने शुक्रवार को अचानक पानी की सप्लाई बंद कर दी। दरअसल उन्होंने इस बार भी सरपंच का चुनाव लड़ा। 5 फरवरी को मतदान के बाद मतों की गणना हुई। इसमें आए रुझान में वे हार गए। इसका बदला उन्होंने गांव वालों की पानी सप्लाई रोककर लिया।

चारसाल पहले शुरू हुई थी व्यवस्था- गांवमें चार साल पहले जनसहयोग से नल-जल योजना शुरू हुई थी। इसमें करीब 275 कनेक्शन हैं। 200 नलों में सार्वजनिक नलकूप से पानी आता है। गांव नई आबादी के बीच फोरलेन होने के कारण 75 घरों के नल सरकारी नलकूप से नहीं जुड़ सके। सरपंच रुपसिंह जाट ने इन्हें अपने खेत स्थित कुएं से पानी देना शुरू किया था।

सरकारीनलकूप से जोड़ेंगे- सरपंचका चुनाव जीती इंदिराबाई रमेशचंद्र धाकड़ ने पानी सप्लाई रुकने से प्रभावित क्षेत्र में टैंकर भेजा। उनका कहना है कि किसी को परेशान नहीं होने देंगे। सभी नल सरकारी नलकूप से जोड़े जाएंगे।

मेरा कुआं है, पानी देना देना मेरी इच्छा

^पानीसप्लाई मेरे कुएं से हो रही थी। इतनी सेवा के बाद भी लोगों ने मुझे हरा दिया। अब जो सरपंच बना है वह पानी की व्यवस्था करे। निजी कुएं से पानी देना देना मेरे अधिकार क्षेत्र का मामला है। रूपसिंहजाट, सरपंच, केशरपुरा