ये काम सरकारी हैं
महज15 मीटर की पाइप लाइन के कारण तीन करोड़ का पुल नहीं बन पा रहा। रोज दुर्घटनाएं होने के बावजूद नगरपालिका 15 महीने से 15 मीटर की पाइप लाइन नहीं हटा सकी। सेतु विकास निगम करोड़ों रुपए के पुल का कार्य शुरू नहीं कर सका है।
शहर के मध्य से गुजर रहे महू नसीराबाद हाईवे सबसे व्यस्ततम है। इस पर शहर में प्रवेश के लिए माधोपुरी बालाजी पुल आता है। यह सालों से क्षतिग्रस्त और जर्जर है। आए दिन दुर्घटनाएं होने से लोक निर्माण विभाग ने पुल चौड़ा करने के लिए सेतु विकास निगम को सौंप दिया। सेतु विकास निगम ने प्रोजेक्ट तैयार कराया और 3 करोड़ रुपए राज्य शासन से मंजूर कराए। जून 2013 में पुल चौड़ीकरण के लिए सेतु विकास निगम के पास बजट भी गया लेकिन कार्य शुरू नहीं हो पाया। कारण पुल के पास से गुजर रही नगरपालिका पेयजल पाइप लाइन। यह लाइन हटे तो बात बने। सेतु विकास निगम के अफसर कई बार नपा को पत्र लिख चुके हैं लेकिन पाइप लाइन नहीं हटी। अफसरों की लापरवाही कहे या नासमझी 15 मीटर की पाइप लाइन 15 महीने से रोड़ा बनी हुई है। पुल कार्य शुरू नहीं हो पा रहा।
जल्द शुरू हो सकता है काम
^पुलबनाने को तैयार है पर नपा पाइप लाइन तो हटाए। कई बार पत्र लिख चुके हैं लेकिन कार्रवाई नहीं। हर बार बहाना। इस बार नपा ने पाइप लाइन शिफ्टिंग के टेंडर की बात कही है। आरकेगुप्ता, एसडीओ,सेतु निर्माण शाखा, लोक निर्माण विभाग।
जल्दहटवाएंगे लाइन
^पाइपलाइन शिफ्ट करने के लिए टेंडर हुए हैं। जल्द शिफ्ट किया जाएगा। सीपीराय, सीएमओ,नपा, नीमच।
ऐसा बनेगा पुल
पुरानेपुल को तोड़कर नया पुल बनाया जाएगा। लंबाई 40 मीटर और चौड़ाई अंदर से 7.50 मीटर रहेगी। उंचाई वर्तमान पुल से दो मीटर ज्यादा रहेगी।
हरबार पत्र- राशि नहीं तो टेंडर नहीं
सेतुविकास निगम ने पुल से पाइप लाइन हटाने के लिए जब भी नपा को पत्र लिखा नपा ने राशि के अभाव में पाइप लाइन नहीं हटना बताया। नपा ने पाइप लाइन शिफ्टिंग के लिए राशि नहीं होने का कारण गिनाया। उसके बाद आए पत्रों के जवाब में नपा ने कभी टेंडर नहीं होना कारण गिनाया तो कभी चुनावों का बहाना बनाया। डेढ़ साल पहले मुख्यमंत्री जल आवर्धन योजना से 33 करोड़ रुपए स्वीकृत होने के बाद अब तक पाइप लाइन नहीं हटाई है। इसके चलते करोड़ों का पुल बन नहीं पा रहा है।
योजना मोधापुरीबालाजी ब्रिज
विभागसेतुविकास निगम
लागत3करोड़
लंबाई40मी