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जपं उपाध्यक्ष ने खोली स्कूलों में बने घटिया शौचालयों की पोल

5 वर्ष पहले
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गांव के स्कूलों में डब्ल्यूसीएल (कोल इंडिया लिमिटेड) द्वारा बनाए शौचालय बनते ही ढहने लगे हैं। शौचालय निर्माण में धांधली बरती है। लगातार शिकायतें करने के बाद भी ध्यान नहीं दिया। अब इसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ेगा। गुरुवार को जनपद की बैठक में उपाध्यक्ष सदाशिव गढ़ेकर ने आरोप लगाते हुए हंगामा किया। अध्यक्ष पार्वती उइके की उपस्थिति में बैठक शुरू हुई। बैठक में सभी विभागों के प्रमुख उपस्थित थे। उपाध्यक्ष सदाशिव गढ़ेकर ने सर्व शिक्षा अभियान के उपयंत्री राजेंद्र चौकीकर से स्कूलों में डब्ल्यूसीएल के तहत बने शौचालय निर्माण के संबंध में पूछा। इसके बाद गढ़ेकर ने कहा डब्ल्यूसीएल के तहत कोई भी शौचालय गुणवत्तापूर्वक नहीं बने हैं। शौचालय निर्माण की जांच की जाना चाहिए। सदस्यों ने भी गढ़ेकर का समर्थन किया।

शिकायत पर टीम आई पर गुणवत्ता नहीं सुधरी

गढ़ेकर ने कहा 18 जुलाई को बाड़ेगांव, टेमझिरा ब सहित अन्य गांव में बन रहे शौचालयों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान घटिया निर्माण किया जाना पाया गया। केंद्रीय कोयला मंत्री को शिकायत की थी। इसके बाद 22 जुलाई को जांच के लिए डब्ल्यूसीएल पाथाखेड़ा की टीम गांव के स्कूलों में निर्माण की जांच करने पहुंची थी। टीम में शामिल स्टॉफ आफिसर, इंजीनियर सहित अन्य अधिकारियों ने शौचालयों का निरीक्षण किया। इसके बाद भी ठेकेदार ने गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं किया।

5 सदस्यीय टीम करेगी शौचालय की जांच

जनपद सीईओ मनीष शेंडे ने बताया बैठक में सर्वसम्मति से डब्ल्यूसीएल द्वारा बनाए शौचालय की जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम बनाने का फैसला लिया है। टीम में जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संचार एवं संकर्म समिति के सभापति, आरईएस एसडीओ और सर्व शिक्षा अभियान के उपयंत्री रहेंगे। उक्त टीम शौचालय निर्माण की जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगी।

पंचायत निरीक्षक को हटाने का प्रस्ताव
बैठक में प्रभारी पंचायत निरीक्षक प्रदीप ओगले की कार्यप्रणाली पर सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए पद से हटाने का प्रस्ताव पारित किया। सदस्यों ने बताया निरीक्षक लोक कल्याण शिविर सहित अन्य आयोजनों की जानकारी नहीं देते। अन्य कार्यों में भी लापरवाही बरती जाती है। ओगले से पंचायत निरीक्षक का प्रभार लेकर किसी अन्य अधिकारी को प्रभार देने का प्रस्ताव लिया। इसके अलावा रोजगार सहायकों की हड़ताल का भी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सदस्यों ने समर्थन किया। बैठक में जनपद सदस्यों ने पानी की समस्या, सड़क सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की।

1 लाख 95 हजार का शौचालय बना 60 हजार में
सदाशिव गढ़ेकर ने बताया स्वच्छ भारत अभियान के तहत डब्ल्यूसीएल ने ग्रामीण अंचल के सरकारी स्कूलों में शौचालय निर्माण किया है। प्रत्येक शौचालय निर्माण का एस्टीमेट 1 लाख 95 हजार रुपए है। मूल ठेकेदार ने शौचालय का निर्माण पेटी कांट्रेक्टर को 60 हजार रुपए में देकर निर्माण कराया है।

जपं की बैठक में स्कूल में बने घटिया शौचालय का मुद्दा उठा।

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