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ठेकेदार के 59 लाख रुके, बिल्डिंग का काम फंड में फंसा

7 वर्ष पहले
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{बिल्डिंग का 90 फीसदी काम पूरा, कॉलेज ने उस शिक्षा विभाग को रिमाइंडर भेजा

कार्यालयसंवाददाता| पिपरिया

सरकारीगर्ल्स कॉलेज की नई बिल्डिंग का काम फंड उपलब्ध होने के कारण रुका पड़ा है। बिल्डिंग का 90 फीसदी काम पूरा हो गया है। गुरुवार को कॉलेज प्रबंधन ने किस्त के लिए उच्च शिक्षा विभाग को रिमाइंडर भेजा है। लगभग 59 लाख 11 हजार रुपए की राशि अटकी है। जिसके कारण कॉलेज बिल्डिंग का काम अधूरा पड़ा है। कॉलेज बिल्डिंग पीआईयू (प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट) की निगरानी में बन रही है। कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य मंजूलता शर्मा ने बताया कि लगभग 90 फीसदी काम हो गया है। फिनिशिंग, कहीं-कहीं प्लास्टर और और बिजली फिटिंग के लिए काम रुका हुआ है। कॉलेज स्थापना के बाद पहली बार यह बिल्डिंग कॉलेज को मिलने वाली है। दिसंबर अंत तक कॉलेज बिल्डिंग का काम पूरा होना था। लेकिन फंड कमी के कारण काम अटक गया। जानकारी के मुताबिक करीब 1 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत से बिल्डिंग बन रही है। कॉलेज में 200 से ज्यादा छात्राएं पढ़ती हैं। सरकारी गल्र्स कॉलेज की शुरूआत 1989 में हुई थी।

तभी से कॉलेज के पास स्वयं का भवन नहीं है। लगभग 25 साल बाद कॉलेज को स्वयं की बिल्डिंग मिलेगी। कॉलेज प्रबंधन और छात्राओं को जल्दी यह बिल्डिंग मिलने की उम्मीद है। ताकि छात्राएं सुविधाजनक ढंग से अध्ययन ओर शैक्षणिक गतिविधियां सांस्कृतिक कार्यक्रम कर सकें।

वर्तमान में छात्राओं को काफी असुविधा झेलनी पड़ती है। कॉलेज स्तरीय आयोजनों में भी दिक्कतें होती हैं। कॉलेज का दफ्तर कहीं और क्लास दूसरी बिल्डिंग में लगती हैं।

छात्राओं को बैठने में दिक्कतें

सांडिया रोड स्थित सरकारी गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कूल की बिल्डिंग नहीं बनने से छात्राओं के लिए परीक्षा बैठक इंतजामों में असुविधा हो रही है। वर्तमान में स्कूलों के अर्ध वार्षिक परीक्षाएं चल रहीं हैं। जिन कक्षाओं में छात्राएं ज्यादा हैं। उन्हें बैठने में दिक्कतें हो रहीं हैं। स्कूल में फर्नीचर की भी कमी है। नई बिल्डिंग में 9 कमरे बन रहे हैं। लेकिन बिल्डिंग का काम महीनों से बंद है। स्कूल में स्थायी प्राचार्य के अभाव में कामकाज प्रभावित हो रहा है। प्रभारियों के भरोसे स्कूल चल रहा है। छात्राओं की संख्या को देखते हुए सरकार से यह नई अतिरिक्त बिल्डिंग स्वीकृत हुई थी। लेकिन काम अटका पड़ा है। स्कूल के हायर सेकंडरी