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बंपर आवक से मंडी हुई हाउसफुल, सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्राॅिलयों से लगा जाम

7 वर्ष पहले
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कार्यालय संवाददाता| पिपरिया

कृषिउपज मंडी मंगलवार को जाम हो गई। परिसर के अंदर लगभग 30 हजार क्विंटल धान पड़ी है। जबकि बाहर धान से लदीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतार लगी रही। धान की आवक बढ़ने से ऐसे हालात बन गए। इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अनुमानित 10 हजार क्विंटल धान भरी है। मंडी पैक होने के कारण मंगलवार सुबह से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बाहर रोक दिया गया। जिससे किसानों को असुविधा हुई। इसके अलावा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को टोकन दे दिए गए हैं। जगह होने पर इन्हें परिसर के अंदर खाली कराया जाएगा। मंडी परिसर के बाहर करीब 64 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अनाज लदा है। मंगलवार को मंडी प्रशासन ने मंडी से अनाज के तेजी से उठाव पर जोर दिया गया। पूरे मंडी परिसर में सिर्फ धान है। मंडी के अंदर वाले हिस्से में धान और बाहर अन्य उपजों की खरीदी बिक्री मंगलवार को हुई। बरेली (रायसेन) जिले के किसान भी पिपरिया मंडी में धान बेचने के लिए रहे हैं। बरेली में धान के रेट कमजोर होने के कारण किसान पिपरिया मंडी में धान बेचने रहे हैं। जिस गति से उठाव होना चाहिए उस गति से उठाव नहीं हो रहा है। मंगलवार को मंडी में जाम लगने के कारण बिकी हुई धान उठान में असुविधा हुई। मंडी को खली कराने में मंडी प्रशासन को एक दिन का समय लग सकता है। इसके लिए आवक रोकनी पड़ सकती है।

ऑक्शनपर व्यापारी और मजदूर प्रतिनिधियों से चर्चा

कृषिउपज मंडी में आगामी दिनों में सीधे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर आक्शन होगा। ढेरी लगाने की प्रथा खत्म कर दी जाएगी। इसके लिए मंगलवार को कृषि मंडी सभागृह में बैठक हुई। बैठक में मंडी अध्यक्ष दिनेश पटेल, विधायक प्रतिनिधि अशोक जोशी, मंडी सचिव ऋतु गढ़वाल सहित व्यापारी और मजदूर प्रतिनिधि मौजूद रहे। मंडी अध्यक्ष श्री पटेल ने मजदूर प्रतिनिधियों को बताया की नई व्यवस्था से उनकी मजदूर में कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। सभी मजदूरों को इसके लिए तैयार किया जाए। पहले चरण में धान ऑक्शन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर होगा। इसके बाद अन्य उपजों पर इसे लागू किया जाएगा। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर उपज देखकर व्यापारी बोली लगाएंगे। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर तौल होकर अनाज शेड पर रख दिया जाएगा।

कृषि उपज मंडी की वर्तमान अधोसंरचना ढेरी सिस्टम वाली है। इसे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से तौल के लिहाज से बनाया जाएगा। इसके लिए क्रमबद्ध ढंग से मंडी परिसर की अधोसंरचना में धीरे-धीरे ब