जीवन संशय और मृत्यु सत्य है - यशुमति देवी
श्रीराम यज्ञ एवं मानस सम्मेलन में जौनपुर से पधारीं यशुमति देवी मानस मुक्ता ने कहा कि जीवन संशय और मृत्यु सत्य है। ऊंची शिक्षा और ऊंचा पद पाकर भी अगर हम उदंड हो जाएं तो लानत है ऐसी शिक्षा पर। आपने शिव विवाह की मार्मिक झांकी पेश करते हुए उसके सामाजिक और आध्यात्मिक पहलुओं को उजागर किया। उन्होंने आगे कहा कि दूसरों को उपदेश देना सरल, लेकिन उपदेश सुनना और उसे जीवन में उतारना कठिन है।
छत्तीसगढ़ से आए महंत रामप्रियदास ने कहा कि राष्ट्र की चिंता शासक को नहीं संत को होती है। तुलसी नगर पुराना गल्ला बाजार में दो सत्रों में प्रवचन हो रहे हैं। दोपहर ढ़ाई बजे से और रात 8 बजे से। प्रवचन के अलावा यज्ञ स्थल पर बने हवनकुंड में आहुतियां छोड़ी जा रहीं हैं। श्रद्धालु पवित्र यज्ञ शाला की परिक्रमा करके पुण्य लाभ कमा रहे हैं। स्थानीय वक्ता पंडित शोभाराम शास्त्री ने शिव वियोग की कथा सुनाई। नवाह्न परायण का पाठ भी यज्ञ स्थल पर चल रहा है। प्रवचन 15 फरवरी तक चलेंगे।
पिपरिया। श्रीराम यज्ञ में प्रवचन देती हुईं यशुमति देवी, प्रवचन सुनते हुए श्रद्धालु।