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रंजिश रुपयों के लिए की थी दंपती की हत्या
करीब2 साल पहले बुजुर्ग दंपत्ति के अंधे कत्ल के आरोपी को पुलिस ने पकड़ा है। दोनों मृतक बुजुर्ग नर्मदा परिक्रमा और भिक्षावृत्ति करते थे। बुजुर्गों की हत्या करके उनके पास रखे 9 हजार रुपए निकाल लिए थे। उनके शवों को पिपरिया-पौड़ी के बीच नहर झील पुलिया के पास फेंक दिया था। शव काफी बुरी हालत में 22 मई 2013 को मिले थे। मामला रंजिश और रुपयों की लालच में हत्या करना पाया गया है। शनिवार दोपहर में प्रेस से चर्चा में थाना इंचार्ज एसआर झा ने बताया कि जांच के बाद इस मामले में राजेश ठाकुर उर्फ जादू (30) को गिरफ्तार किया। उसने मनोवैज्ञानिक तरीके और सख्ती से पूछताछ पर अपना जुर्म कबूला। राजेश मूलतः बरेली का रहने वाला है। लेकिन वह कुछ समय से पिपरिया में रहा था। वह मजदूरी करता है। राजेश ने कलीराम अहिरवार (65) एवं उनकी प|ी गिरजा बाई (55) की हत्या की थी। दोनों दंपत्ति करीब 5 साल से लगातार नर्मदा परिक्रमा करते थे। बीच-बीच में वे अपने घर आते थे। दोनों मृतक हथवांस में झोपड़ीनुमा घर में रहते थे।
घटना के समय आरोपी राजेश भी सामने वाली झोपड़ी में रहा करता था। थाना इंचार्ज झा ने बताया कि राजेश ने दोनों मृतकों से 100 रुपए उधार लिए थे। जबकि दोनों मृतक उससे रुपए वापस मांगते थे। इससे भी राजेश उनसे नाखुश रहता था। उनके पास रखे रुपयों के लालच और रंजिश की वजह से मौका देखकर दोनों की हत्या कर दी थी। थाना इंचार्ज झा ने बताया कि राजेश से घटना के बाद जब पूछताछ हुई तो वह गायब हो गया। इससे शंका हुई। उन्होंने बताया कि हत्या गला दबाकर और सख्त चीज से वार करके की थी। राजेश का बरेली थाने से रिकॉर्ड भी बुलाया जा रहा है।
इससे और भी सुराग मिल सकते हैं। इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया गया है। एसपी एपी सिंह एवं एसडीओपी कमलेश कुमार ने इस मामले में जरूरी निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए। मामले की जांच पूर्व में संब इंस्पेक्टर एलके शर्मा एवं हाल में अनिल राठौर थाना इंचार्ज एसआर झा ने की। आरोपी से एक डोलची, एक पर्स और कलीराम का पहचान पत्र जब्त किया गया है।
मृतकों के पुत्र ने की थी शिनाख्त
मृतक के पुत्र और परिजनों ने शिनाख्त की। पुत्र प्रभुदयाल ने उनके माता-पिता के नहीं लौटने पर कंपलेंट की। जिसके बाद पुलिस ने उसे जब्त सामग्री बताई जिसके आधार पर मृतकों की पहचान हुई। इसके बाद पुलिस को मृतकों के बारे में पता लग सका। घटना स्थल पर पुलिस अधिकारियों और एफएसएल टीम ने भी दौरा किया। शवों का पीएम कराया गया।इसके अलावा शवों को मेडिकोलीगल संस्थान गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल परीक्षण के लिए भेजा गया। 2 जून 2013 को पीएम रिपोर्ट प्राप्त हुई।