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ओपीडी में रहे 300 मरीज, डॉक्टर केवल एक, नहीं हो पा रहा चेकअप
भास्कर सरोकार : पोरसा क्षेत्र के 308 गांव के मरीजों के लिए सरकारी अस्पताल में पदस्थ बीएमओ ही सरकारी कामकाज निपटाते हैं और मरीजों का चेकअप कर रहे हैं।
भास्करसंवाददाता|पोरसा
सामुदायिकस्वास्थ्य केन्द्र की सुबह-शाम की ओपीडी मेंं इन दिनों 300 मरीज रहे हैं। इलाज के लिए एक डॉक्टर उपलब्ध होने से मरीज को चेकअप के लिए एक मिनट मिल पा रहा है। समस्या, सीएमएचओ के ध्यान में होने के बाद भी अन्य डाॅक्टर्स की पोस्टिंग नहीं की जा रही है।
पोरसा अस्पताल में बीते तीन महीने से बीएमओ डाॅ. एसएन मेवाफरोश ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इस अस्पताल में डाॅक्टर्स के छह पद स्वीकृत हैं लेकिन पोस्टिंग सिर्फ एक डाॅक्टर की है। ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ जाने के कारण डाॅ. मेवाफरोश, एक मरीज के चेकअप के लिए सिर्फ एक मिनट का समय ही दे पा रहे हैं। कारण है कि सुबह की ओपीडी में प्रतिदिन 200 से ज्यादा मरीज पहुंचते हैं।
चार घंटे की ओपीडी 240 मिनट की होती है, इस हिसाब से मरीज के चेकअप के लिए उसे एक मिनट से ज्यादा का समय नहीं मिल पाता है। एक मिनट में मरीज की क्या कैसी जांच हो सकेगी, यह खुद खुद समझा जा सकता है? इस आलम में इलाज के नाम पर एक औपचारिकता सी हो रही है इस कारण गंभीर बीमार मरीजों को इलाज के लिए पोरसा से मुरैना ग्वालियर जाना पड़ रहा है।
पांचडॉक्टरों की कमी : सामुदायिकस्वास्थ्य केन्द्र के लिए शासन ने तीन स्पेशलिस्ट डाॅक्टर, एक लेडी डाॅक्टर एक मेडिकल ऑफिसर सहित एक क्लास वन डॉक्टर का पद स्वीकृत किया है। वर्तमान में पोरसा क्षेत्र के 308 गांव की एक लाख आबादी पर मरीजों के इलाज के लिए सिर्फ एक डाॅक्टर ही पदस्थ है।
अन्यस्टाफ भी पदस्थ नहीं: अस्पतालमें चोटिल लोगों की मरहम पट्टी करने के लिए ड्रेसर के दो पद स्वीकृत हैं लेकिन पदस्थ एक भी नहीं है। इसके अलावा मलेरिया इंस्पेक्टर से लेकर सुपरवाइजर के तीन पद, ब्लाॅक प्रोग्राम मैनेजर का एक पद कंप्यूटर ऑपरेटर का एक पद खाली पड़ा हुआ है। डॉक्टर कर्मचारियों के पद दो साल से अधिक समय से खाली हैं लेकिन उन पर पोस्टिंग नहीं की जा रही है।
लेडीडॉक्टर नहीं होने से परेशानी : पोरसाअस्पताल की ओपीडी में महिलाओं का चेकअप करने के लिए एक साल से कोई लेडी डॉक्टर वहां पदस्थ नहीं है। इस कारण कस्बा गांव की महिलाओं प्रसूताओं को हेल्थ चेकअप के लिए परेशानी होती है।
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